उस ने कहा, आ: तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा। (मत्ती 14:29)
पृथ्वी का जीवन पानी पर चलने के मौकों से भरा हुआ है। पानी पर चलने का मतलब है परमेश्वर के वचन पर निर्भर होना चाहे परिस्थिति कुछ भी हो। जब यीशु ने पतरस को वचन कहा की वह पानी पर आए और चले, पतरस ने यीशु के वचन पर विश्वास किया और वह नाव से बाहर आ गया और चमत्कारी रूप से पानी पर चला बिलकुल यीशु की तरह (मत्ती 14:28-29)। परमेश्वर ने आपको अपना वचन दिया है ताकि आप इस दुनिया की सारी विपदाओं के बीच में अपने आप को उसके वचन पर निर्भर कर सकें और एक चमत्कारी जीवन जियें जो दुनिया की सभी विपदाओं से ऊपर है। परमेश्वर का वचन सिर्फ निर्भर करने योग्य नही है बल्कि वह रचनात्मक भी है। परमेश्वर ने पुरी श्रृष्टि की रचना अपने वचनों से की। परमेश्वर का वचन जिस पर हम निर्भर करते हैं हमारे लिए उपाए को ले कर आता है। जो वचन यीशु ने पतरस को बोले उसने, पतरस को पानी पर चलने की और इस चमत्कार को होने की क्षमता दी।
हमें अपने आप को लगातार परमेश्वर के वचन पर निर्भर करना है बीना पतरस की तरह डरे। जब पतरस ने तेज़ आँधी को देखा वह डर गया और डूबने लगा (मत्ती 14:30)। पानी नही बदला, ना ही यीशु का वचन बदला। पतरस विश्वास से डर की ओर पलट गया। अपनी परिस्थति को देख कर कायर जैसा बर्ताव मत कीजिए। परिस्थियों को पहचानने से इनकार कर दीजिए बल्कि लगातार अपने आप को परमेश्वर के वचन को सौंपिए।
प्रार्थना:
पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मुझे चुनने के लिए और मुझे इस सुसमाचार के लिए अलग करने के लिए। मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मुझे परमेश्वर के वचन पर निर्भर होने के तरीके सिखाने के लिए। मैं आज यीशु के नाम में घोषणा करता हूँ मैं पानी पर चलूँगा चाहे परिस्थिति मुझे कुछ भी दिखाने की कोशिश करे। आमीन!