सच्चाई को मोल लेना, बेचना नहीं; और बुद्धि और शिक्षा और समझ को भी मोल लेना। (नीतिवचन 23:23)
परमेश्वर सबसे अच्छा व्यक्तित्व है हमें यह सिखाने के लिए कि जीवन में सफल कैसे हो सकते हैं| परमेश्वर की बुद्धिमता कुछ समय दुनिया के लिए बेवकूफी होती है| यह मनुष्य के समझ से परे है और हमेशा अलौकिक रूप से कार्य करता है| ऊपर दिया वचन एक बहुत सामर्थी सफलता का सिद्धांत है|सच्चाई, बुद्धिमता, आदेश, और समझ, कुछ बहुत महत्वपूर्ण चीजें हैं जिसकी एक व्यक्ति को ज़रूरत होती है एक सफल जीवन के लिए| परमेश्वर हमें सिखाता है कि हम उसे ख़रीदे| खरीदना मतलब एक कीमत देके किसी चीज़ को अपना बना लेना| आगे वह कहता है कि इन्हें बेचना नही| बेचने का मतलब है किसी चीज़ को दूसरी चीज़ के बदले में दे देना| कभी भी सच्चाई, बुद्धिमता, आदेश, और समझ को मामूली लाभ के बदले में जाने मत दीजियेगा, बल्कि सच्चाई को खरीदिये| परमेश्वर के वचन पर बोना सीखिए| बहुत बार मैंने परमेश्वर को निजी तौर पर एक स्पेशल भेंट दी है अराधना के तौर पर जब उसने मुझे अपने वचन से दिव्य प्रकटीकरण दिए| जब हम ऐसा करते हैं, हमारे कीमती भेंटो के साथ, हम बुद्धिमता का सम्मान करते हैं और उसे अपना बना लेते हैं|
कुछ समय होते हैं, जब आप कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित होते हैं, पर बाद में वह प्रेरणा आपको छोड़ देती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप ने उसे नही ख़रीदा| अगली बार सच्चाई को खरीदना न भूलें|
व्यवस्थाविवरण 16:16 और निर्गमन 23:15 में, परमेश्वर ने इजराइल के बच्चों को कहा कि वे कभी उसकी उपस्थिति में खाली हाथ न आयें| परमेश्वर चाहता था कि वे उन आशीषों को पाएं और संभाले रखे जो वह उन्हें देने वाला था| यह कितने आनंद की बात होती है जब हम प्रभु के सामने अपने कीमती भेंटो के साथ आते हैं|
घोषणा:
मैं आशीषित हूँ और सही तरह से केन्द्रित हूँ| मैं सच्चाई को खरीदता हूँ और उसे बेवकूफी के लिए छोड़ता नही हूँ| जैसे मैं आज सच्चाई को खरीदता हूँ, मैं अपने आप को बुद्धिमता और ईश्वरीय समझ में स्थापित करता हूँ| मेरा जीवन एक पत्थर पर स्थापित है और जीवन की कोई भी आंधी मुझे हिला नही सकती| हैलेलुयाह!