उसके साथ आप एक निर्माता हैं।
जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूँ। (फिलिप्पियों 4:13) एक मसीह के रूप में आपके साथ कोई भी अच्छी या बुरी चीज़ नहीं होनी चाहिए, आपको वो होना चाहिये जो चीज़ों को घटित करता है, क्योंकि मसीह अब आपकी शक्ति और क्षमता है। परमेश्वर सृष्टिकर्ता है, और उसके साथ […]
उसमें आपके पास सब कुछ है
इसलिये कोई मनुष्य मनुष्यों पर घमण्ड न करे, क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारी हैं। (1 कुरिन्थियों 3:21) आप में मसीह, मसीहत का सार है। आप में मसीह, शांति है, यह दिव्यता है, यह परिपूर्णता है, यह स्वर्ग है; यह सबकुछ है। कोई आश्चर्य नहीं कि प्रेरित पौलुस ने हमारे मुख्य वर्स में ऐलान किया की: “….सब […]
आप मसीह के साथ बैठे हैं
और हमें मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। (इफिसियों 2:6) जब आपने यीशु को अपने प्रभु और उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया, तो आत्मा के स्तर में आपको परिवर्तित करके, एक स्वर्गीय स्थान प्रदान किया गया। आज, जबकि आप यीशु के नाम की शक्ति से पृथ्वी पर […]
उसमें आप फलवंत है
मैं दाखलता हूँ: तुम डालियाँ हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। (यूहन्ना 15:5) जब यीशु कहता हैं कि वे दाखलता हैं और हम शाखाएं हैं, तो वे कह रहा हैं कि हम उसके एक्सटेंशन, उसकी […]
वह आपके प्रेम के श्रम को याद रखता है
क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर भी रहे हो। ( इब्रानियों 6:10) परमेश्वर मनुष्य नहीं है जो यह भूल जाये कि आपने उसके लिए क्या किया है। यह एक […]
प्रार्थना करो और हिम्मत मत खोओ !
इसके अलावा [यीशु ने] उन्हें एक दृष्टान्त भी सुनाया कि उन्हें हमेशा प्रार्थना करना चाहिए और कायर नहीं बनना चाहिए (बेहोश नहीं होना, हिम्मत नहीं हारना और हार नहीं मानना )। (लूका 18:1 एएमपी) यीशु ने अपने शिष्यों को जज और विधवा के दृष्टांत (लूका 18:2-9), के माध्यम से समझाया कि प्रार्थना में हार न […]
हिसाब लीजिये!
मैं उसको अपने पग पग का हिसाब देता; मैं उसके निकट प्रधान की नाईं निडर जाता। (अय्यूब 31:37) जैसे हम इस साल की समाप्ति की ओर आ गये हैं, यह ज़रूरी है कि हम अपने साल का हिसाब लें। अपने विजय और बदलाव के क्षेत्र को जांचना बुद्धिमता है। जब हम हिसाब लेने की बात […]
इंतज़ार मत कीजिये!
मेरी आँखें लक्ष्य पर टिकी हैं, जहाँ परमेश्वर हमें आगे इंगित कर रहा- यीशु की ओर। मैं चल पड़ा हूँ और दौड़ रहा हूँ, और मैं पीछे नही मुड़ने वाला (फिलिप्पियों 3:14 मेसेज अनुवाद) बहुत लोगों ने संयम और इंतज़ार के बीच में अंतर को नही समझा है। संयम में हमेशा एक निश्चित परिणाम होता […]
आभारी रहिये
…हर बात में धन्यवादी बने रहो। यही वह बात है जो परमेश्वर तुमसे चाहता है कि तुम मसीह यीशु में अपने जीवन में बने रहो (1 थिस्सलुनीकियों 5:18)। एक गुण जो आप हमेशा सफल लोगों में पाएंगे, वह यह है कि ऐसे लोग आभारी होते हैं। एक सही मायने में सफल व्यक्ति सदैव कृतज्ञता के […]
उसके तरीकों पर भरोसा कीजिए!
धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके […]