लोगों की राय मायने नहीं रखती!
… जो वस्तु मनुष्यों में बहुत मूल्यवान है, वह परमेश्वर के निकट घृणित है (लूका 16:15) आज की दुनिया, सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण लगातार दूसरों को प्रसन्न करने के लिए जी रही है। मैंने एक बार परमेश्वर के एक महान जन को यह कहते हुए सुना था: “यदि आप सभी को प्रसन्न करने […]
अपनी सामर्थ को प्रवाहित होने दें
अंतिम वचन: प्रभु में और उस की सामर्थ के प्रभाव में बलवन्त बनो। (इफिसियों 6:10) परमेश्वर की संतान होने के नाते, हममें भी वही जीवन है जो यीशु में था। ऐसा इसलिए है क्योंकि परमेश्वर का वचन स्पष्ट है: “…जैसा वह (यीशु) है, वैसे ही हम भी इस संसार में हैं” (1 यूहन्ना 4:17)। इसलिए, […]
परमेश्वर की प्रेम की आँखों से देखिये
परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। (रोमियो 5:8) मसीह यीशु में हमने परमेश्वर का जीवन और स्वभाव पाया है। उसने हमें हर एक से प्रेम करने को कहा है और हमें यह भी बताया है कि […]
एक जलता हुआ और चमकता प्रकाश
“वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।” (युहन्ना 5:35) युहन्ना, बपतिस्मा दाता, का कितना अनोखा वर्णन है; मास्टर के खुद के होठों से आता हुआ!आपको पता है, हर प्रकाश एक जलता और चमकता हुआ प्रकाश नहीं होता। कुछ शांत और मंद […]
आप प्रकाश हैं
मैं ने तेरे विषय में सुना है कि ईश्वर की आत्मा तुझ में रहती है; और प्रकाश, प्रवीणता और उत्तम बुद्धि तुझ में पाई जाती है। (दानिय्येल 5:14) प्रकाश का तात्पर्य समाधान, स्वतंत्रता और स्पष्टता है। यीशु ने कहा: “तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। […]
आपने वह पाया है जिसकी आपने प्रार्थना की है
क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। (लुका 11:10) परमेश्वर कभी भी अपने बच्चों की प्रार्थना का जवाब देने में समय नही लगाता | 2 कुरिन्थियों 1:20, हमें दिखाता है कि परमेश्वर का जवाब हमेशा हाँ और आमीन होता […]
आपका विश्वास और प्रार्थना!
और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) किसी भी चीज़ को संभव बनाने के लिए जो चीज़ पहले ज़रूरी है वो है विश्वास| आपका विश्वास ही वह चीज़ है जिसकी ज़रूरत […]
यह आपकी जिम्मेदारी है
तुम में से प्रत्येक को अपने जीवन में सर्वोत्तम रचनात्मक कार्य करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए (गलातियों 6:5 MSG)। लोग अक्सर अपनी वास्तविक ज़िम्मेदारी के लिए परमेश्वर को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी आप कुछ लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, “अगर परमेश्वर नहीं चाहता था कि ऐसा हो, तो उसने ऐसा […]
आपको सिर्फ उसके वजूद के ज्ञान को पाना है
कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। ( […]
परमेश्वर कि मदद करने की कोशिश मत कीजिये
अगर तुम केवल मुझे अपनी मदद करने दोगे, अगर तुम सिर्फ मेरी आज्ञा का पालन करोगे, तो मैं तुम्हें अमीर बना दूंगा! (यशायाह 1:19) परमेश्वर कुछ भी कर सकता हैं, वह प्रभु हैं, सब प्राणियों का परमेश्वर है,और उसके साथ कुछ भी असंभव नहीं है, आपको बस विश्वास की ज़रूरत है। उसकी शक्ति असीमित है। […]