दृढ़ता से असफलता को ‘ना’ कहें

Christian victory over failure through faith in Christ

परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है (2 कुरिन्थियों 2:14)। मसीह में असफलता आपका भाग नहीं है, और न ही इसे कभी आपके परिणाम के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। मसीह यीशु में आपका जीवन विजय, उन्नति और फलवंतता के लिए रचा गया […]

यीशु: निरंतर-बढ़ते अनुग्रह का लेखक

Woman lifting hands by the water symbolizing ever-increasing grace in Christ

क्योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह। (यूहन्ना 1:16) यीशु के जन्म ने अनुग्रह की शुरुआत को चिह्नित किया – जीवन में केवल एक बार नहीं, बल्कि अनुग्रह पर अनुग्रह, लगातार बढ़ता हुआ। अनुग्रह सिर्फ़ बिना वजह का पक्ष नहीं है; यह दिव्य क्षमता, अलौकिक सहायता और सफल […]

वही मत रुकें!

Christian devotional image about enlarging faith capacity by stepping beyond comfort zones

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। (रोमियों 12:2) विश्वास एक आत्मिक मसल(muscle)है, और सभी मसल(muscle) की तरह, यह तभी बढ़ती है जब इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्षमता तब बढ़ती है जब आप ख़ुद को उस स्तर से आगे खिंचते हैं […]

आपके विश्वास के कार्य आपकी ऊंचाई तय करते हैं

Man kayaking in nature representing action-based faith and the principle that your actions decide your elevation.

कर्मों के बिना विश्वास मरा हुआ है। (याकूब 2:26) आपके कार्य बताते हैं कि आप स्वर्ग के साथ चलते हैं या दुनिया के सिस्टम के साथ खड़े रहते हैं। आपका हर कदम या तो परमेश्वर के राज्य और उसके स्वर्गदूतों के साथ आपकी सहभागिता को मज़बूत करता है, या फिर अंधकार की शक्तियों को आपके […]

सही अंगीकार की सामर्थ

Christian devotional on the power of right confession and faith-filled words

क्योंकि सत्यनिष्ठा के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है। (रोमियों 10:10) आपका जीवन आपके घोषणा के स्तर पर ऊपर या नीचे जाता है। बहुत से विश्वासी परमेश्वर के साथ चलने में संघर्ष करते हैं, इसलिए नहीं कि उन में विश्वास की कमी है, बल्कि […]

हर चुनौती: एक अवसर!

Christian devotional on overcoming challenges with faith and rising to victory

जितने हथियार तेरी हानि के लिये बनाए जाएं, उन में से कोई सफल न होगा… (यशायाह 54:17) कोई भी चीज़ अचानक आपके खिलाफ नहीं आती। हर स्थिति, हर दबाव, हर चुनौती परमेश्वर के लिए आप में अपनी महिमा प्रकट करने का एक अवसर होता है। वचन हमें सिखाता है कि दुख हल्के और कुछ समय […]

प्रभु में अपनी सामर्थ को नवीनीकृत करें!

Person raising hands to the sky symbolizing renewed strength and divine energy.

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। (यशायाह 40:31) प्रभु की प्रतीक्षा करना निष्क्रिय नहीं है; यह विश्वास, आराधना और भरोसे की एक सक्रिय अवस्था है। उसकी प्रतीक्षा करना निष्क्रियता नहीं है — […]

आत्मा से जीना: फलवंत स्थिरता का जीवन

Man holding Bible in wheat field representing living from the Spirit and a life of fruitful consistency in Christ.

यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी। (गलातियों 5:25) पिछले दिनों में हमने यह जाना कि सच्ची सफलता और फलवंतता आत्मा से प्रवाहित होती है। परमेश्वर ने आपके भीतर सृजन करने, समृद्ध होने और दिव्य उत्कृष्टता में जीवन जीने की सामर्थ रखी है। अपनी आत्मिक क्षमताओं की खोज करने […]

अधिक के लिए ख्वाहिश रखिये!

Aspire for More poster encouraging spiritual growth, success and ever-increasing glory in Christ

तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, जो देश तुम्हारे पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें दिया है, उसे अपने अधिकार में कर लेने में तुम कब तक ढिलाई करते रहोगे? (यहोशू 18: 3) परमेश्वर की एक संतान के रूप में, आपके लिए हमेशा महिमा का एक उच्च स्तर होता है, हमेशा सफलता का उच्च स्तर […]

छोटी-छोटी बातों में विश्वसनीय रहें

Faithfulness in the Little Things – Luke 16:10 Christian devotional

जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है (लूका 16:10)। परमेश्वर के राज्य में महानता बड़े मंचों, विशाल भीड़ों या दिखाई देने वाले प्रभाव से शुरू नहीं होती। इसकी शुरुआत छोटी-छोटी बातों में विश्वसनीय रहने से […]