ज़रूरत के समय अपने विश्वास को न निचोड़े— इसे मज़बूत बनाएँ

Elderly person holding a Bible with firm hands, representing strong faith in times of need

तब प्रेरितों ने प्रभु से कहा, हमारा विश्वास बढ़ा। (लूका 17:5) जब आप प्रभु के साथ अपनी आत्मिक यात्रा में चलते हैं, तो यह समझना आवश्यक है कि विश्वास कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आपको मांगना पड़े—यह आपको पहले ही वचन के माध्यम से दिया जा चुका है। बाइबल घोषणा करती है, “सो विश्वास […]

अधिक के लिए ख्वाहिश रखिये!

तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, जो देश तुम्हारे पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें दिया है, उसे अपने अधिकार में कर लेने में तुम कब तक ढिलाई करते रहोगे? (यहोशू 18: 3) परमेश्वर की एक संतान के रूप में, आपके लिए हमेशा महिमा का एक उच्च स्तर होता है, हमेशा सफलता का उच्च स्तर […]

स्मारक बनाएँ

फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं। (उत्पत्ति 1:29A) पृथ्वी पर रहते हुए यीशु ने जो अदभुत कथन दिया था, उनमें से एक था, कि हम वो नहीं हैं जिन्होंने उसे चुना है, बल्कि, उसने […]

उसकी आवाज़ और आपकी विश्वसनीयता

यहोवा का यह वचन अमितै के पुत्र योना के पास पहुंचा, कि उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध प्रचार कर; क्योंकि उनकी दुष्टता मेरी दृष्टि में बढ़ गई है। (योना 1:1-2) परमेश्वर की आवाज़ के प्रति आपकी विश्वसनीयता आपके जीवन की दिशा तय करती है। उसकी आवाज़ के प्रति आपकी विश्वसनीयता […]

सत्य की सामर्थ

और तुम सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा। (यूहन्ना 8:32 ) हर दिन, हम बड़ी मात्रा में सूचना और ज्ञान के संपर्क में आते हैं – इनमे से कुछ लाभदायक होते है, जबकि अधिकांश अनावश्यक होते है। सिर्फ इसलिए कि कोई बात सत्य है इसका मतलब यह नहीं है कि वह उपयोगी है […]