परमेश्वर के वचन से अपने मन का नवीनीकरण करें

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। (2 कुरिन्थियों 4:16) क्या आप जानते हैं कि आपका मन उन सबसे महान साधनों में से एक है जो परमेश्वर ने आपको दिए हैं? आपके जीवन की दिशा बहुत हद तक […]
जिस पर विश्वास करते हैं, उसके अनुसार जिएं

मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है… (गलातियों 2:20) परमेश्वर के वचन को जानना अद्भुत है, लेकिन परमेश्वर इससे भी बढ़कर कुछ चाहता है—वह चाहता है कि हम उसे अपने जीवन में लागू करें। ज्ञान को केवल प्राप्त कर लेना और […]
आत्मा में खुद को मजबूत बनाएँ

जो स्वर्गीय भाषा में बातें करता है, वह अपनी ही उन्नति करता है… (1 कुरिन्थियों 14:4) परमेश्वर ने हर विश्वासी को जो सबसे महान वरदान दिए हैं, उनमें से एक है आत्मिक रूप से खुद को मज़बूत बनाने की सामर्थ। बाइबल बताती है कि जब हम स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करते हैं, तब हम अपनी […]
अपने जीवन में भविष्य निश्चय वाणी करें!

उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी…(योएल 2:28) परमेश्वर ने हमें भविष्य निश्चय वाणी का वरदान दिया है। यद्यपि इसके कुछ पहलू भविष्यवक्ता के द्वारा कार्य करते हैं, परन्तु प्रत्येक विश्वासीयों को परमेश्वर के वचन को हियाब से बोलने और अपने जीवनों पर उसके वायदों को घोषित […]
विश्लेषण करें और उसकी इच्छा के अनुसार खुद को संरेखित करें!

छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा। (यशायाह 60:22) हम एक बार फिर ऐसे समय में हैं जब हम पीछे मुड़कर प्रभु की विश्वसनीयता और भलाई के लिए उसका धन्यवाद कर सकते हैं। […]
ऐसा जीवन विकसित करें जो फल लाए

इसी से मेरे पिता की महिमा होती है कि तुम बहुत फल लाओ; तब तुम मेरे चेले ठहरोगे।(यूहन्ना 15:8) पिछले दिनों में हमने विश्वासी के जीवन के उन विभिन्न क्षेत्रों के बारे में सीखा है जिन्हें विकसित करना आवश्यक है। हमने वचन को विकसित करना, विश्वास को विकसित करना, सत्यनिष्ठता की भूख को विकसित करना, […]
साधारणता के साथ पवित्र असंतोष विकसित करें

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। (रोमियों 12:2) परमेश्वर ने आपको सिर्फ़ जीने के लिए नहीं बनाया है। उसने आपको बढ़ने, उत्कृष्ट बनने और वह […]
सचेत रूप से आत्मिक बढ़ोतरी करें

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। (2 पतरस 3:18) आत्मिक बढ़ोतरी अपने-आप नहीं होती। जैसे शारीरिक विकास के लिए उचित पोषण और अभ्यास की आवश्यकता होती है, वैसे ही आत्मिक उन्नति के लिए परमेश्वर के वचन और पवित्र आत्मा के साथ जानबूझकर जुड़ना आवश्यक है। कोई भी […]
आप स्वर्ग के नागरिक हैं

पर हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं। (फिलिप्पियों 3:20) विश्वासी होने के नाते, हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारा जीवन केवल इस संसार के सिस्टम तक सीमित नहीं है। यद्यपि हम शारीरिक रूप से इस दुनिया में रहते हैं, […]
अपनी क्षमता बढ़ाएँ

जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना… जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। (1 कुरिन्थियों 2:9) परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आपका जीवन छोटा, सीमित या रुका हुआ रहे। उसने आपके लिए और भी बड़ी चीज़ें तैयार की हैं—अधिक बुद्धिमत्ता, अधिक प्रभाव, अधिक समझ और […]