जागते रहे, प्रार्थना करे और तैयार रहे

जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो…” (मरकुस 14:38) मसीही जीवन सुंदर रूप से संतुलित है। इसमें उत्सव मनाने, संगति करने और आनन्दित होने के मौके तो होते ही हैं, लेकिन प्रार्थना, उपवास और आत्मिक जागरूकता के समय भी होने चाहिए। एक को दूसरे का स्थान नहीं लेना चाहिए। जब हम […]
परमेश्वर की भलाई का उत्सव मनाएं

क्योंकि परमेश्वर का राज्य खाना पीना नहीं; बल्कि सत्यनिष्ठा, शांति और पवित्र आत्मा में आनंद है। (रोमियों 14:17) परमेश्वर के राज्य की एक सुंदर विशेषता आनंद है। परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि मसीही जीवन उदास या आनन्दहीन हो। हालांकि हमारे जीवन में प्रार्थना, उपवास और आत्मिक अनुशासन के समय अवश्य आते हैं, फिर भी […]
परमेश्वर की शांति के एक एम्बेसडर बनें

क्योंकि परमेश्वर का राज्य खाना पीना नहीं; बल्कि सत्यनिष्ठा, शांति और पवित्र आत्मा में आनंद है। (रोमियों 14:17) जब लोग परमेश्वर के बारे में सोचते हैं, तो वे अक्सर उसकी सामर्थ, उसकी पवित्रता या उसकी महानता की कल्पना करते हैं। फिर भी नए नियम में उसके लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले नामों में […]
हर दिन अपने भीतरी मनुष्य को मजबूत बनाए

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। (2 कुरिन्थियों 4:16) परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आपका आत्मिक जीवन साल-दर-साल एक जैसा बना रहे। जिस तरह आपके शरीर को हर दिन खाने की आवश्यकता होती है, उसी तरह […]
अपने ह्रदय की रक्षा करे गलत प्रभावों से

और यह उन झूठे भाइयों के कारण हुआ, जो चोरी से घुस आए थे…’ (गलातियों 2:4) दुश्मन की सबसे पुरानी रणनीतियों में से एक धोखा देना है। वह अक्सर ऐसे विचार प्रस्तुत करता है जो देखने में हानिरहित लगते हैं, परंतु उनका उद्देश्य परमेश्वर और उसके वचन पर हमारे विश्वास को कमजोर करना होता है। […]
राख पर जीवन मत बिताइए

वह राख खाता है; उसके धोखा खाए हुए मन ने उसे भटका दिया है… (यशायाह 44:20) हर वह बात जो आपके मन को भरती है, वह आपकी आत्मा के लिए लाभदायक नहीं होती। यशायाह एक ऐसे व्यक्ति का वर्णन करते हैं जो राख खाता है—अर्थात वह अपने जीवन को ऐसी बातों से भर रहा है […]
परमेश्वर के वचन से अपने मन का नवीनीकरण करें

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। (2 कुरिन्थियों 4:16) क्या आप जानते हैं कि आपका मन उन सबसे महान साधनों में से एक है जो परमेश्वर ने आपको दिए हैं? आपके जीवन की दिशा बहुत हद तक […]
जिस पर विश्वास करते हैं, उसके अनुसार जिएं

मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है… (गलातियों 2:20) परमेश्वर के वचन को जानना अद्भुत है, लेकिन परमेश्वर इससे भी बढ़कर कुछ चाहता है—वह चाहता है कि हम उसे अपने जीवन में लागू करें। ज्ञान को केवल प्राप्त कर लेना और […]
परमेश्वर के वचन से अपने हृदय को भरें

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए… (यहोशू 1:8) परमेश्वर के वचन से अपने हृदय को भरना आपके जीवन का सबसे महान निवेश है। जीवन में अनेक प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं—चाहे वे स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, रिश्तो या महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़ी हों—लेकिन परमेश्वर का जवाब वही रहता है: खुद […]
आत्मा में खुद को मजबूत बनाएँ

जो स्वर्गीय भाषा में बातें करता है, वह अपनी ही उन्नति करता है… (1 कुरिन्थियों 14:4) परमेश्वर ने हर विश्वासी को जो सबसे महान वरदान दिए हैं, उनमें से एक है आत्मिक रूप से खुद को मज़बूत बनाने की सामर्थ। बाइबल बताती है कि जब हम स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करते हैं, तब हम अपनी […]