स्वर्ग के कार्य करने का तरीका

मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्तुओं का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकोंऔर भण्डारियों के वश में रहता है। वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में होकर […]