स्मारक बनाएँ

फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं। (उत्पत्ति 1:29A) पृथ्वी पर रहते हुए यीशु ने जो अदभुत कथन दिया था, उनमें से एक था, कि हम वो नहीं हैं जिन्होंने उसे चुना है, बल्कि, उसने […]

विश्वास का आपका दृष्टिकोण

परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]

आपका दृष्टिकोण क्या है?

क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है, इसलिये कि हम निश्चय जानते हैं, कि एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह सब के लिये मरा, ताकि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उनके लिये मरा और फिर जी उठा। (2 कुरिन्थियों […]