क्रिसमस यीशु के बारे में है

Christmas is about Jesus Christ the Word made flesh

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, (और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा)। (यूहन्ना 1:14) आज दुनिया जान-बूझकर क्रिसमस से यीशु मसीह को हटा रही है। इस मौसम में होने वाली सजावट, आकर्षण, चमक-दमक हमारी आँखों को जितनी […]

यीशु: वह जो बुलाता है, तैयार करता है, और भेजता है।

Woman holding a Bible outdoors looking upward, symbolising Jesus who calls, equips, and sends His followers.

और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। (मत्ती 4:19) क्रिसमस हमें याद दिलाता है कि यीशु न सिर्फ़ हमें बचाने आया था — वह हमें बुलाने, तैयार करने और इस दुनिया में अपने प्रतिनिधियों के रूप में भेजने आया था। एक मसीह वह नहीं है […]

यह एक सौभाग्य है

Street evangelism with a “JESUS SAVES” banner at night—privilege to preach the Gospel.

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है (रोमियों 1:16)। आज जो हम सुसमाचार सुनाने वाले लोग हैं यह सम्मान और सौभाग्य की बात है। यह जानना कि, यीशु मसीह ने इसे शुरू […]

यीशु मसीह, हमारे प्रभु के नाम का अधिकार!

Jesus Christ teaching about the authority of His Name

और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो। (कुलुस्सियों 3:17) जितना सरल हमारा मुख्य वर्स का निर्देश दिखाई देता है, उतना ही महत्वपूर्ण है कि हम उसके अनुसार जीवन जिएँ। यीशु मसीह का नाम सबसे सामर्थी नाम है, […]

यीशु मसीह के सुसमाचार का प्रचार वैकल्पिक नहीं है!

क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम से परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह का प्रसार करने के […]

यीशु से शर्मिंदा मत होइए

Jesus teaching disciples about bold faith and not being ashamed of the gospel.

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है। (रोमियों 1:16) यह बहुत ज़रूरी है की हम अपने प्रभु यीशु मसीह के साथ अपनी पहचान पर गर्व करें। परमेश्वर की संतान होने के नाते, […]

निस्वार्थ भाव से दें

क्योंकि जहां तेरा धन है, वहीं तेरा मन भी रहेगा। (मत्ती 6:21) परमेश्वर ने हमें अपने स्वरूप में बनाया है और वह हमसे अत्यन्त प्रेम करता है। उसने हमें अपनी समानता में इसलिए बनाया है ताकि हम उसकी सृष्टि के मुकुट बनें, जिन्हें उसे जानने और उसके साथ संगति करने का सौभाग्य प्राप्त है। यीशु […]

वचन से खुद को जानें

पर जब हम सब के उघाड़े हुए चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जैसे दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश करके बदलते जाते हैं। (2 कुरिन्थियों 3:18) यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप मसीह यीशु में वास्तव में कौन हैं। […]

प्रलोभन को अनुमति न दें

धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह परखा हुआ होकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिसकी प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है। जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से […]

आपकी जड़ें: निर्भर करने योग्य

उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है; उसके पैर कभी फिसलने नहीं पाते। (भजन संहिता 37:31) कुछ जड़ें ऐसी होती हैं जो पौधों के भविष्य के विकास के लिए भोजन को इकट्ठा करते हैं। वे अपने अंदर लगातार भोजन और पोषण जमा करते हैं। वे मौसम में निर्भर करने योग्य होते हैं […]