कुछ भी आकस्मिक नहीं है

पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और सत्यनिष्ठा, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। (1 तीमुथियुस 6:11) आपके जीवन में कुछ भी आकस्मिक नहीं है। कुछ भी संयोग नहीं है। आपका जीवन कोई दुर्घटना नहीं—यह एक जिम्मेदारी है जिसे परमेश्वर ने आपके हाथों में सौंपा है। बहुत से […]
समय बर्बाद करने से इनकार करें

इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं (इफिसियों 5:15–16)। समय उन सबसे मूल्यवान संसाधनों में से एक है जो परमेश्वर ने आपको सौंपा है, और आप समय का उपयोग कैसे करते हैं, यह तय करता […]
पीछे मत हटे

और मेरा सत्यनिष्ठ जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। (इब्रानियों 10:38) बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो परमेश्वर के साथ अपनी यात्रा, बहुत उत्साह के साथ शुरू करते हैं परन्तु उसी उत्साह के साथ इसे जारी नही रखते। जब वे नया […]
असाइनमेंट पर पुत्र

हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा। (रोमियों 11:25) आत्मिक परिपक्वता केवल व्यक्तिगत कम्फर्ट के लिए […]
स्वर्ग के कार्य करने का तरीका

मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्तुओं का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकोंऔर भण्डारियों के वश में रहता है। वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में होकर […]
एक ऐसा जीवन जो धन्यवाद से भरा हुआ हो

और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो। (कुलुस्सियों 2:7) परमेश्वर का वचन हमें स्पष्ट रूप से दिखाता है कि धन्यवाद देना कोई कभी-कभार की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवन-शैली है जिसे हमें विकसित करना है। […]
टारगेट निर्धारित करना

निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। (फिलिप्पियों 3:14) परमेश्वर के राज्य में प्रगति अभिप्राय होती है। विश्वास तब फलता-फूलता है जब उसे दिशा दी जाती है। इसलिए, टारगेट के बिना एक विश्वासी भटक जाता है, लेकिन टारगेट के […]
अशांत होने से इनकार करें

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है। (यशायाह 26:3) मसीह में शांति आपकी विरासत है। अशांति तभी आती है जब मन वचन से हटकर परिस्थितियों की ओर चला जाता है। परन्तु परमेश्वर ने आपको अडिग, अविचल और शांत रहने के लिए बुलाया है – तब […]
आत्मिक क्षमता में बढ़ोतरी

परन्तु हम परमेश्वर का वह गुप्त ज्ञान, भेद की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेश्वर ने सनातन से हमारी महिमा के लिये ठहराया। (1 कुरिन्थियों 2:7) हर विश्वासी के पास एक आत्मिक क्षमता होती है जो यह निर्धारित करती है कि वह कितना प्रकटीकरण और सामर्थ ग्रहण कर सकता है। जितना अधिक आप अपनी क्षमता […]
प्रभु में अपनी सामर्थ को नवीनीकृत करें!

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। (यशायाह 40:31) प्रभु की प्रतीक्षा करना निष्क्रिय नहीं है; यह विश्वास, आराधना और भरोसे की एक सक्रिय अवस्था है। उसकी प्रतीक्षा करना निष्क्रियता नहीं है — […]