यीशु: वह जिसने हमें पाप पर पूरी विजय दिलाई

Man worshiping on a hill symbolizing Jesus giving complete victory over sin

क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया। (रोमियों 8:2) यीशु के आने से पहले, मानवता दोष, डर और निंदा के अधीन जीती थी। कोई भी कुर्बानी पूरी तरह से अंतरात्मा को शुद्ध नहीं कर सका, और कोई भी प्रयास पाप की […]

यीशु: वह जिसने हमें परमेश्वर का पुत्र बनाया

Silhouette of a man and child walking at sunrise with text about Jesus making us sons of God.

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। (यूहन्ना 1:12) क्रिसमस सिर्फ़ यीशु के जन्म का जश्न नहीं है – यह परमेश्वर की कई संतानों के जन्म का जश्न है। यीशु केवल हमारे पापों को क्षमा करने नहीं […]

यह एक सौभाग्य है

Street evangelism with a “JESUS SAVES” banner at night—privilege to preach the Gospel.

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है (रोमियों 1:16)। आज जो हम सुसमाचार सुनाने वाले लोग हैं यह सम्मान और सौभाग्य की बात है। यह जानना कि, यीशु मसीह ने इसे शुरू […]

सर्वशक्तिमान परमेश्वर!

Sovereign God shining cross with man looking up in prayer

एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बप्तिस्मा भी। एक ही परमेश्वर जो हम सबका पिता है, जो सबसे ऊपर है, हर किसी से सर्वशक्तिमान है, हम सब में जीता और बसता है।( इफिसियों 4:6 AMP) परमेश्वर सर्वशक्तिमान है! वो सब कुछ जानता है और सब कुछ कर सकता है! बाइबिल कहती है […]

यीशु मसीह के सुसमाचार का प्रचार वैकल्पिक नहीं है!

क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम से परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह का प्रसार करने के […]

यीशु से शर्मिंदा मत होइए

Jesus teaching disciples about bold faith and not being ashamed of the gospel.

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है। (रोमियों 1:16) यह बहुत ज़रूरी है की हम अपने प्रभु यीशु मसीह के साथ अपनी पहचान पर गर्व करें। परमेश्वर की संतान होने के नाते, […]

दिन 13

यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के प्रति आपका दृष्टिकोण क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम […]

आपका दृष्टिकोण क्या है?

क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है, इसलिये कि हम निश्चय जानते हैं, कि एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह सब के लिये मरा, ताकि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उनके लिये मरा और फिर जी उठा। (2 कुरिन्थियों […]

यीशु का पुनरुत्थान और हमारा अनंत जीवन

सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। (रोमियों 6:4) यीशु मसीह के पुनरुत्थान ने हमे अनंत जीवन दिया है। जब आदम ने परमेश्वर के खिलाफ पाप […]

आपकी धारणा और आपका उद्धार

पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा। (मत्ती 10:33) ऊपर दिए वचन में यीशु ने दिखाया है कैसे हमारी उसके प्रति धारणा, स्वर्ग में हमारे स्थान को निर्धारित करेगी। उसने कहा,“पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं […]