आपके शब्द आपके जीवन को आकार देते हैं

शान्ति देने वाली बात जीवन-वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है। (नीतिवचन 15:4) परमेश्वर ने हमें हमारे शब्द एक विशेष उद्देश्य के लिए दिए हैं। वे केवल आवाज़ें नहीं हैं जो हम बोलते हैं; वे जीवन, दिशा और प्रभाव लेकर आते हैं। बाइबल एक शान्ति देने वाली जीभ को जीवन […]
एक फलवन्त जीवन जिएं

ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। (कुलुस्सियों 1:10) परमेश्वर ने हमें केवल अपने लिए जीने के लिए नहीं बुलाया है। उसकी इच्छा है कि हर विश्वासी एक फलवन्त जीवन […]
परमेश्वर चाहता है कि आप बढ़ें

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन॥ (2 पतरस 3:18) जब हम मसीह में आते हैं, तो हमें जीवन भर एक ही स्तर पर बने रहने के लिए नहीं बुलाया जाता है। जिस तरह एक बच्चे से […]
अपने जीवन में भविष्य निश्चय वाणी करें!

उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी…(योएल 2:28) परमेश्वर ने हमें भविष्य निश्चय वाणी का वरदान दिया है। यद्यपि इसके कुछ पहलू भविष्यवक्ता के द्वारा कार्य करते हैं, परन्तु प्रत्येक विश्वासीयों को परमेश्वर के वचन को हियाब से बोलने और अपने जीवनों पर उसके वायदों को घोषित […]
एक ऐसा जीवन जो धन्यवाद से भरा हुआ हो

और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो। (कुलुस्सियों 2:7) परमेश्वर का वचन हमें स्पष्ट रूप से दिखाता है कि धन्यवाद देना कोई कभी-कभार की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवन-शैली है जिसे हमें विकसित करना है। […]
यह धन्यवाद का दिन है!

उसके फाटकों से धन्यवाद करते हुए, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो; उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो। (भजन संहिता 100:4) कल हमारी मिनिस्ट्री में, हम वर्ष के महिमामय प्रथम भाग के पूरा होने के लिए परमेश्वर का आदर और धन्यवाद करेंगे। जैसा कि हम इस अर्ध-वार्षिक धन्यवाद सेवा […]
ऐसा जीवन विकसित करें जो फल लाए

इसी से मेरे पिता की महिमा होती है कि तुम बहुत फल लाओ; तब तुम मेरे चेले ठहरोगे।(यूहन्ना 15:8) पिछले दिनों में हमने विश्वासी के जीवन के उन विभिन्न क्षेत्रों के बारे में सीखा है जिन्हें विकसित करना आवश्यक है। हमने वचन को विकसित करना, विश्वास को विकसित करना, सत्यनिष्ठता की भूख को विकसित करना, […]
प्रार्थना करने की आदत विकसित करें

निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो। (1 थिस्सलुनीकियों 5:17) प्रार्थना उन महान उपहारों में से एक है जो परमेश्वर ने अपनी संतानों को दिए हैं। फिर भी बहुत-से विश्वासी प्रार्थना को एक दैनिक जीवनशैली के बजाय केवल आपातकालीन उपाय के रूप में देखते हैं। वे तब प्रार्थना करते हैं जब कोई समस्या आती है, लेकिन जब […]
साधारणता के साथ पवित्र असंतोष विकसित करें

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। (रोमियों 12:2) परमेश्वर ने आपको सिर्फ़ जीने के लिए नहीं बनाया है। उसने आपको बढ़ने, उत्कृष्ट बनने और वह […]
विश्वास को विकसित करें

सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है। (रोमियों 10:17) परमेश्वर की हर संतान को विश्वास दिया गया है। बाइबल सिखाती है कि परमेश्वर ने हर विश्वासी को विश्वास का एक माप दिया है। इसका अर्थ है कि कोई भी मसीही अपनी आत्मिक यात्रा खाली हाथ शुरू नहीं करता। हालाँकि, विश्वास […]