सुसमाचार के प्रचार के लिए हियाब

Christian boldness in preaching the gospel with Holy Spirit authority

और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाब से सुसमाचार का भेद बता सकूं। (इफिसियों 6:19) सुसमाचार का प्रचार अपने आप में हियाब उत्पन्न करता है। हर बार जब आप वचन बाँटने के लिए अपना मुँह खोलते हैं, तो परमेश्वर की सामर्थ में आपका विश्वास और […]

असाइनमेंट पर पुत्र

Man holding the Holy Bible symbolizing yielded sons carrying divine assignment and kingdom responsibility

हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा। (रोमियों 11:25) आत्मिक परिपक्वता केवल व्यक्तिगत कम्फर्ट के लिए […]

राज्य पर प्रभाव डालने के लिए उठे

Christian rising in God’s glory to make Kingdom impact through prayer and fasting

उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। (यशायाह 60:1) जैसे ही आप इस वर्ष को प्रार्थना और उपवास के साथ समाप्त करते हैं और नए वर्ष में प्रवेश करने की तैयारी करते हैं, यह अत्यंत आवश्यक है कि आप जानबूझकर यह निर्णय लें कि […]

आप परमेश्वर के शक्तिशाली औज़ार हैं

believer holding hand symbolizing God’s guidance and spiritual empowerment

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है… (1 यूहन्ना 4:4) मसीह में उद्धार केवल पाप से मुक्ति नहीं है; यह दिव्य उद्देश्य में बुलाहट है। आपको परमेश्वर के साथ उड़ने के लिए बुलाया गया है, और यह प्रदर्शित करने के लिए कि उसका राज्य वास्तविक है। परमेश्वर की […]

परमेश्वर के राज्य की हक़ीक़त में चलना

person standing under heavenly light representing the reality of God’s Kingdom

तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। (मत्ती 6:10) परमेश्वर का राज्य एक विचार नहीं है – यह एक हक़ीक़त है। यह दिव्य सिद्धांतों के अनुसार कार्य करता है, राजा यीशु के अधिकार के अधीन में। जब आप चेतना के साथ इस राज्य में रहते हैं, […]

बढ़ोतरी के तत्व

Three plant sprouts in soil symbolizing spiritual growth and faithfulness in God’s kingdom

जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है। (लूका 16:10) परमेश्वर के राज्य में, बढ़ोतरी आकस्मिक नहीं है – यह जानबूझकर और आत्मिक है। परमेश्वर की संतान होने के नाते, बढ़ोतरी आपका स्वभाव है, लेकिन इसका पोषण किया जाना चाहिए। यीशु ने एक सरल सिद्धांत बताया: यदि आप थोड़े में […]

देने के प्रति आपका दृष्टिकोण

दो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। (लूका 6:38) देना परमेश्वर के प्रति आराधना और सम्मान का कार्य है। देना एक आत्मिक नियम है और परमेश्वर की […]

क्या आप परमेश्वर के राज्य में एक अहम व्यक्ति हैं?

सो इसलिये कि तू गुनगुना है, और न ठंडा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुंह में से उगलने पर हूं। (प्रकाशित वाक्य 3:16) मसीहत कोई धर्म नही है, यह परमेश्वर का जीवन है जो एक मनुष्य में हैं। यह परमेश्वर है जो अपना जीवन आप में और आपके द्वारा जी रहा है। चाहे […]

पहले परमेश्वर के राज्य की खोज करो!

इसलिये पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और सत्यनिष्ठा की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। (मत्ती 6:33) हमारा मुख्य वर्स हमारे मास्टर यीशु द्वारा दिया गया कथन है। वह आपसे ऐसी चीज़ खोजने को नहीं कहेगा जिसे खोजना संभव नहीं है। फिर, उसने लूका 12:32 में कहा, “हे छोटे झुण्ड, मत […]

आत्मिक रूप से आज्ञाकारी बनें : भाग 1

इसलिये पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और सत्यनिष्ठा की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। (मत्ती 6:33) स्वर्ग का राज्य सिर्फ एक अवधारणा नहीं है – यह वास्तविक सामर्थ और दिव्य अधिकार वाला एक वास्तविक राज्य है। मसीह में, हम इस राज्य में जन्मे हैं, और विश्वासियों के रूप में, हम […]