मसीह में सीमाओं से परे जीवन

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। (2 कुरिंथियों 5:17) मसीह में होना जीवन के एक बिल्कुल नए क्षेत्र में प्रवेश करना है। उद्धार ने आपके पुराने जीवन को केवल बेहतर नहीं बनाया; उसने आपको एक बिल्कुल नया जीवन दिया—परमेश्वर […]
मेर्री क्रिसमस!

फिर जिन्हें उस ने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें सत्यनिष्ठ भी ठहराया है, और जिन्हें सत्यनिष्ठ ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है। (रोमियों 8:30) क्रिसमस हमारे प्रभु यीशु मसीह के जन्म की केवल याद से कहीं बढ़कर है; यह मानवता के लिए परमेश्वर की अनंत योजना का उत्सव है। आरंभ […]
प्रभु में अपनी सामर्थ को नवीनीकृत करें!

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। (यशायाह 40:31) प्रभु की प्रतीक्षा करना निष्क्रिय नहीं है; यह विश्वास, आराधना और भरोसे की एक सक्रिय अवस्था है। उसकी प्रतीक्षा करना निष्क्रियता नहीं है — […]
आत्मा से जीना: फलवंत स्थिरता का जीवन

यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी। (गलातियों 5:25) पिछले दिनों में हमने यह जाना कि सच्ची सफलता और फलवंतता आत्मा से प्रवाहित होती है। परमेश्वर ने आपके भीतर सृजन करने, समृद्ध होने और दिव्य उत्कृष्टता में जीवन जीने की सामर्थ रखी है। अपनी आत्मिक क्षमताओं की खोज करने […]
परमेश्वर की योजना से विचलित होने से इनकार करें

जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं (लूका 9:62)। ध्यान भटकाना शत्रु के सबसे चालाक और प्रभावी हथियारों में से एक है। यह हमेशा पाप या असफलता के माध्यम से नहीं आता—अक्सर यह व्यस्तता, तुलना, या गलत प्राथमिकताओं के कारण आता है। सफलता का रहस्य […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]
परमेश्वर: वह जो आपसे बिना शर्त प्रेम करता है
गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया। (यिर्मयाह 1:5) परमेश्वर ने आपको अपने स्वरूप में बनाया है, और वह आपसे बिना शर्त प्रेम करता है। बाइबल बताती है कि जब मनुष्य पाप में खो गया था और परमेश्वर से […]
परमेश्वर: तक़दीर को बदलने वाला
उसने कहा, तेरा नाम अब याकूब नहीं, परन्तु इस्राएल होगा, क्योंकि तू परमेश्वर से और मनुष्यों से भी युद्ध कर के प्रबल हुआ है। (उत्पत्ति 32:28) शास्त्रों में, हम देखते हैं कि कैसे परमेश्वर ने याकूब की तक़दीर बदल दी। याकूब, जिसे पहले धोखेबाज़ माना जाता था, उसका नाम बदलकर इस्राएल रखा गया—परमेश्वर का राजकुमार। […]
विश्लेषण करें और उसकी इच्छा के अनुरूप चलें!
छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा॥ (यशायाह 60:22) हम एक बार फिर उस समय पर हैं जब हम पीछे मुड़कर देख सकते हैं और प्रभु को उसकी विश्वसनीयता और भलाई के लिए […]
अधिक के लिए ख्वाहिश रखिये!
तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, जो देश तुम्हारे पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें दिया है, उसे अपने अधिकार में कर लेने में तुम कब तक ढिलाई करते रहोगे? (यहोशू 18: 3) परमेश्वर की एक संतान के रूप में, आपके लिए हमेशा महिमा का एक उच्च स्तर होता है, हमेशा सफलता का उच्च स्तर […]