यीशु: चरवाहा और हमारा आराम

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। (भजन संहिता 23:1) यीशु हमें जीवन में भटकता हुआ छोड़ने नहीं आया— वह हमें चरवाहे के समान मार्गदर्शन करने आया है। लोग संपत्ति, रिश्तों और उपलब्धियों में सुरक्षा खोजते हैं, जब की सच्चा आराम केवल मसीह में ही मिलता है। जब यीशु आपकी आत्मा का चरवाहा […]
शद्रक, मेशक और अबेदनगो के जीवन से सबक।
नबूकदनेस्सर कहने लगा, आशीषित है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना वा दण्डवत […]
दानिय्येल के जीवन से सबक
मैं यह आज्ञा देता हूं कि जहां जहां मेरे राज्य का अधिकार है, वहां के लोग दानिय्येल के परमेश्वर के सम्मुख कांपते और थरथराते रहें, क्योंकि जीवता और युगानयुग तक रहने वाला परमेश्वर वही है; उसका राज्य अविनाशी और उसकी प्रभुता सदा स्थिर रहेगी।(दानिय्येल 6:26) दानिय्येल यहूदा के उन चार बच्चों में से एक था […]