परमेश्वर के भवन में बढ़ते जाइए

परन्तु हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और ज्ञान में बढ़ते जाइए। (2 पतरस 3:18) परमेश्वर का भवन आत्मिक प्रशिक्षण का स्थान है। जब आप चर्च में आते हैं, तो केवल एक सीट पर बैठने के लिए मत आइए। सीखने के लिए तैयार होकर आइए। भाग लेने के लिए तैयार होकर आइए। वचन […]
पवित्रा और आत्मिक आदतों को विकसित करें

पर अशुद्ध और बूढ़ी स्त्रियों की कहानियों जैसी बातों से दूर रहो और भक्ति में अपने आप को प्रशिक्षित करो। (1 तीमुथियुस 4:7) आपका आत्मिक जीवन उन आदतों से बहुत प्रभावित होता है जिन्हें आप अपने जीवन में विकसित करते हैं। एक उत्कृष्ट मसीही जीवन अपने आप नहीं बनता। आपको उन बातों पर ध्यान देना […]
परमेश्वर के तरीके से सफलता को मापिए

अपने पूरे मन से यहोवा पर भरोसा रख और अपनी समझ का सहारा न लेना। अपनी सब बातों में उसको मानना, और वह तेरे मार्गों को सीधा करेगा। (नीतिवचन 3:5–6) पवित्र आत्मा आपके भीतर वास करने के लिए आया है, केवल आत्मिक बातों में आपकी सहायता करने के लिए नहीं, बल्कि आपके जीवन के हर […]
शांति जो समझ से परे है

किसी भी बात की चिंता मत करो, परन्तु हर बात में प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ अपनी बिनतियाँ परमेश्वर के सामने रखो। और परमेश्वर की वह शांति, जो सारी समझ से परे है, मसीह यीशु में तुम्हारे हृदय और विचारों की रक्षा करेगी। — फिलिप्पियों 4:6–7 अब जो आप मसीह में हैं, […]
पवित्र आत्मा की चेतना में जीवन जीएँ

परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो वह तुम्हें सारे सत्य का मार्ग दिखाएगा… और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। (यूहन्ना 16:13) अब जो आप मसीह में हैं, पवित्र आत्मा आपके भीतर रहता है और आपमें वास करता है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि आप अपने दैनिक जीवन में उसकी उपस्थिति की गहरी […]
अपनी सफलता की भविष्यवाणी करें और निरंतर रहें

क्योंकि अन्त में फल होगा, और तेरी आशा न टूटेगी (नीतिवचन 23:18)। एक विश्वासी के जीवन में सफलता आकस्मिक नहीं होती; यह विश्वास और शब्दों से पता चलता है और इसे निरंतरता के माध्यम से स्थापित किया जाता है। परमेश्वर ने आपको अपना वचन दिया है ताकि आप अपने भविष्य के प्रकट होने से पहले […]
फलदायी जीवन के लिए चुने गए

तुम ने मुझे नहीं चुना, परन्तु मैंने तुम्हें चुना है और नियुक्त किया है, ताकि तुम जाकर फल लाओ, और तुम्हारा फल बना रहे… (यूहन्ना 15:16) अब जो आप मसीह में हैं, तो यह पहचानिए कि आपके जीवन के लिए परमेश्वर की एक निश्चित बुलाहट और उद्देश्य है। आप इस पृथ्वी पर संयोग से नहीं […]
उससे और अधिक प्रेम करें

हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया। (1 यूहन्ना 4:19) परमेश्वर की सन्तानों की सबसे स्पष्ट विशेषताओं में से एक है पिता के प्रति उनका प्रेम। हमारा उसके साथ रिश्ता डर या कर्तव्य पर आधारित नहीं है, बल्कि उसके अद्भुत प्रेम पर आधारित है। उसने पहले हमसे प्रेम किया, […]
मसीह के साथ अधिकार के स्थान में बैठे हुए

और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। (इफिसियों 2:6) बहुत से विश्वासी उस स्तर से कहीं नीचे जीवन जीते हैं जो परमेश्वर ने उन्हें दिया है, क्योंकि वे खुद को केवल सांसारिक दृष्टिकोण से देखते हैं। लेकिन परमेश्वर का वचन एक अलग वास्तविकता प्रकट करता है। मसीह के […]
दुनिया आपके प्रकट होने का इंतज़ार कर रही है

क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। (रोमियों 8:19) परमेश्वर ने अपनी संतानों के लिए अद्भुत, सुंदर और महान योजनाएँ बनाई हैं। बाइबल कहती है कि सारी सृष्टि परमेश्वर के पुत्रों के प्रकट होने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है। इसका अर्थ है कि […]