अपनी भावनाओं से परे

तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो। (मरकुस 16:15) कई विश्वासी परमेश्वर की आज्ञा का पालन केवल तब करते हैं जब उन्हें ऐसा करने के लिए “प्रेरणा महसूस” होती है। उनके निर्णय भावनाओं पर आधारित होते हैं। कुछ दिनों पर वे दृढ़ महसूस करते हैं; और कुछ दिनों पर […]
सुसमाचार के प्रचार के लिए हियाब

और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाब से सुसमाचार का भेद बता सकूं। (इफिसियों 6:19) सुसमाचार का प्रचार अपने आप में हियाब उत्पन्न करता है। हर बार जब आप वचन बाँटने के लिए अपना मुँह खोलते हैं, तो परमेश्वर की सामर्थ में आपका विश्वास और […]
एक जलता हुआ और चमकता प्रकाश

“वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।” (युहन्ना 5:35) युहन्ना, बपतिस्मा दाता, का कितना अनोखा वर्णन है; मास्टर के खुद के होठों से आता हुआ!आपको पता है, हर प्रकाश एक जलता और चमकता हुआ प्रकाश नहीं होता। कुछ शांत और मंद […]
यीशु मसीह के सुसमाचार का प्रचार वैकल्पिक नहीं है!
क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम से परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह का प्रसार करने के […]
दिन 13
यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के प्रति आपका दृष्टिकोण क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम […]
क्या आप परमेश्वर के राज्य में एक अहम व्यक्ति हैं?
सो इसलिये कि तू गुनगुना है, और न ठंडा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुंह में से उगलने पर हूं। (प्रकाशित वाक्य 3:16) मसीहत कोई धर्म नही है, यह परमेश्वर का जीवन है जो एक मनुष्य में हैं। यह परमेश्वर है जो अपना जीवन आप में और आपके द्वारा जी रहा है। चाहे […]
परमेश्वर के भवन में आपकी सेवा
इन बातों के बाद प्रभु ने सत्तर और मनुष्य नियुक्त किए और जिस जिस नगर और जगह को वह आप जाने पर था, वहां उन्हें दो दो करके अपने आगे भेजा। और उस ने उन से कहा; “कटाई तो बहुत है; परन्तु मजदूर थोड़े हैं: इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो, कि वह अपने […]
उसके तरीकों पर भरोसा कीजिए!
धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके […]