हर मौसम में फलवंत और उत्पादक

वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है। (भजन संहिता 1:3) आपके लिए परमेश्वर की इच्छा है कि आप फलवंत बनें—कभी-कभी नहीं, बल्कि हर समय। हर मौसम […]