Hindi Bible Study Archives - Secret Of Success | AOZ Pas Zion & Pas Praise https://secretofsuccess.org/tag/hindi-bible-study/ Building your life through the word of God. Thu, 30 Jan 2025 02:25:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 इसमें कोई दो राय नहीं है! https://secretofsuccess.org/2025/01/30/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%88/ https://secretofsuccess.org/2025/01/30/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%88/#respond Thu, 30 Jan 2025 02:25:31 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1732 क्या मैं अब मनुष्यों स्वीकृति पाने की कोशिश कर रहा हूँ, या परमेश्वर की? या मैं लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा हूँ? अगर मैं अभी भी लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा होता, तो मैं मसीह का सेवक नहीं होता। (गलातियों 1:10 NIV) क्या आपने कभी खुद को ऐसी परिस्थिति […]

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क्या मैं अब मनुष्यों स्वीकृति पाने की कोशिश कर रहा हूँ, या परमेश्वर की? या मैं लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा हूँ? अगर मैं अभी भी लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा होता, तो मैं मसीह का सेवक नहीं होता। (गलातियों 1:10 NIV)

क्या आपने कभी खुद को ऐसी परिस्थिति में पाया है, जहां आप केवल कुछ लोगों को प्रसन्न करने या जीवन में उनकी स्वीकृति पाने के लिए ऐसी बातें बोल रहे हैं और ऐसे कार्य कर रहे हैं जो परमेश्वर के वचन के अनुरूप नहीं हैं? ऐसे समय में आपके शब्दों या कार्यों को बदलने के लिए पवित्र आत्मा हमेशा आपके मन में चुभन करेगी। मसीही परिपक्वता की राह पर एक चीज़ जो आपको छोड़नी चाहिए वह है- मनुष्य को खुश करने की चाह। इसमें कोई दो राय नहीं है!

कुछ मसीह तो खुद को इस संसार के कुछ “बड़े नामों” के साथ पहचाना जाना पसंद करते हैं और इसके लिए वे अपने विश्वास के साथ समझौता करने के लिए भी तैयार रहते हैं। वे कहते हैं: “हमें यीशु में अपने विश्वास के बारे में हर किसी को बताने की क्या ज़रूरत है, कभी-कभी नार्मल रहना ठीक है”। एक मसीह के लिए एकमात्र “नार्मल” है: एक विश्वासी का जीवन और मार्ग। एक ऐसा जीवन जहाँ आपकी पहचान मसीह है। आप संसार में होने के साथ साथ, परमेश्वर के साथ भी नहीं चल सकते। पृथ्वी के सबसे महान नाम, प्रभु यीशु मसीह के नाम के साथ आपका जुड़ाव आपके लिए सबसे अधिक मायने रखना चाहिए। बाइबल कहती है: “बुरे लोगों से ईर्ष्या न करें, न ही उनके साथ रहने की इच्छा करें (नीतिवचन 24:1 RSV)”।

एकमात्र व्यक्ति जिसे आपको प्रसन्न करना चाहिए वह है प्रभु यीशु। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि जो लोग यीशु मसीह से सच्चा प्रेम करते हैं वे आपके कार्यों से प्रसन्न होंगे। परन्तु यदि वे लोग जो यीशु से प्रेम नहीं करते, अगर वे आपके कार्यों से प्रसन्न हैं, तो यह एक समस्या है और आपको चिंतित होना चाहिए। परमेश्वर का एक परिपक्व पुत्र बनने का चुनाव करें, ना कि एक शिशु बनने का। हमारे मुख्य वर्स में प्रेरित पौलुस की सुन्दर घोषणा देखिए। यही आपकी मानसिकता और घोषणा भी होनी चाहिए।

अगली बार जब आप इस दुनिया और इसके लोगों से संपर्क करे तो खुद की जाँच करें और विश्लेषण करें। क्या आप उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहे हैं या फिर परमेश्वर को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं? परमेश्वर की सिद्ध इच्छा के अनुरूप खुद को ढालने के लिए अपने जीवन में ज़रूरी बदलाव कीजिए।

प्रार्थना:
अनमोल स्वर्गीय पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ अपने वचन के द्वारा मुझे बुद्धिमत्ता देने के लिए। मैं मनुष्य को खुश करने से इनकार करता हूँ। मैं परमेश्वर को प्रसन्न करता हूँ, इस संसार को नहीं। मेरा आनंद प्रभु यीशु को प्रसन्न करने में है, और मैं सदैव उसका सम्मान करना चाहता हूँ। मैं खुद को पूरी तरह से पवित्र आत्मा के नेतृत्व के अधीन कर देता हूँ और अपनी बुलाहट के योग्य जीवन जीता हूँ। यीशु के नाम में। आमीन!

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महत्वपूर्ण दिनों में, हमें प्रार्थना करनी चाहिए। https://secretofsuccess.org/2025/01/26/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%87/ https://secretofsuccess.org/2025/01/26/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%87/#respond Sun, 26 Jan 2025 02:30:01 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1702 इसलिए, मैं सबसे पहले, यह आग्रह करता हूँ कि सभी लोगों के लिए निवेदन, प्रार्थना, मध्यस्थता और धन्यवाद किया जाए – राजाओं और सभी अधिकारियों के लिए, ताकि हम सभी भक्ति और पवित्रता में विश्राम और शांत जीवन जी सकें।” (1 तीमुथियुस 2:1-2 NIV) आज हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है और हमें […]

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इसलिए, मैं सबसे पहले, यह आग्रह करता हूँ कि सभी लोगों के लिए निवेदन, प्रार्थना, मध्यस्थता और धन्यवाद किया जाए – राजाओं और सभी अधिकारियों के लिए, ताकि हम सभी भक्ति और पवित्रता में विश्राम और शांत जीवन जी सकें।” (1 तीमुथियुस 2:1-2 NIV)

आज हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है और हमें प्रार्थना करनी चाहिए। मसीह में, आप उसके शरीर माने जाते हैं। मसीह आप में रहता है, और पृथ्वी पर आपकी उपस्थिति के माध्यम से रहता है। वह आपके माध्यम से कार्य करता है। परमेश्वर अपनी संतानों के माध्यम से अपने सपनों और योजनाओं को पूरा करता है। यह जानते हुए, यह आवश्यक है कि आप प्रार्थना करें। अपने देश के लिए प्रार्थना करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह महज एक फॉर्मेलिटी या परंपरा नहीं है जिसका हम एक साथ इकट्ठा होकर पालन करते हैं; बल्कि, इसका बहुत बड़ा महत्व है। हर बार जब हम इकट्ठा होकर प्रार्थना करते हैं, तो हम अपनी परिस्थितियों और वातावरण में परिवर्तन लाने के लिए आत्मिक सामर्थ उत्पन्न करते हैं। क्या यह रोमांचक नहीं है कि परमेश्वर ने आपको पृथ्वी पर सकारात्मक परिवर्तन लाने और चीज़ों को बदलने में शामिल किया है?

जब मैं अपने देश के लिए प्रार्थना करने की बात करता हूँ, तो इसका मतलब है कि हमें अपने नेताओं के लिए प्रार्थना करनी चाहिए, कि परमेश्वर की बुद्धिमत्ता उन्हें सही निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन करे। हमें प्रार्थना करनी चाहिए कि उनके दिमाग से शैतान का नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाएँ। जो लोग सत्ता में हैं, वे शायद इसे पूरी तरह से नहीं समझ पाएंगे। वे सोचते होंगे कि वे जो कर रहे हैं वह सही है, लेकिन अक्सर, आत्मिक प्रभाव उन पर कार्य करता हैं। कई लोग विनाशकारी निर्णय सिर्फ इसलिए ले लेते हैं क्योंकि उन्हें यह सही लगता है, इस बात से अनजान कि वे दुष्टात्माओं और शैतान के प्रभाव में आ कर यह कर रहे हैं।

जब परमेश्वर की संतानें एक साथ आकर प्रार्थना करती हैं तो ठीक इसके विपरीत होता है। अपने देश के लिए प्रार्थना करना सिर्फ एक बार की घटना नहीं है। हमें ऐसा हर दिन करना चाहिए; हालाँकि, आज जैसे खास मौकों पर, हमें एक साथ आकर अपने देश के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। हमारी प्रार्थनाएँ हमारे देश की आत्मा को प्रभावित करती हैं। जब सत्यनिष्ठ पुरुष और महिलाएं प्रार्थना में एक साथ आते हैं, तो शांति स्थापित होती है। नफरत की आत्मा को बाहर निकाल दिया जाता है, और प्रेम, समृद्धि और एकता दृढ़ता से स्थापित होती है। जब हम एक साथ प्रार्थना करते हैं, तो हमें शैतान द्वारा नियोजित किसी भी आपदा के विरुद्ध प्रार्थना करनी चाहिए – चाहे वह प्राकृतिक आपदाएँ हों, घातक दुर्घटनाएँ हों या आर्थिक संकट हों। हमें भ्रष्टाचार की आत्मा के विरुद्ध भी प्रार्थना करनी चाहिए।

जब आप इस तरह से प्रार्थना करते हैं तो बहुत कुछ स्थापित हो जाता है। आपके आस-पास के वातावरण पर नियंत्रण रखने के लिए स्वर्गदूतों को भेजा जाता है। याद रखें, परमेश्वर की भलाई और हमारे प्रभु यीशु मसीह का सुसमाचार तब अधिक फलता-फूलता है जब देश में शांति और समृद्धि होती है। लोगों के हृदय परमेश्वर के प्रेम और करुणा को प्राप्त करने के लिए खुले हैं, और भूमि प्रेम और समझ से उपजाऊ बन जाती है।

मसीह में, आपको प्रार्थना की एक याजकीय मिनिस्ट्री दी गई है। इसे आज ही पूरे मन से और गुणवत्तापूर्ण समय के साथ करें। ओह, यह क्या सौभाग्य है!

प्रार्थना:
प्रिय स्वर्गीय पिता, मैं आपको धन्यवाद देता हूँ अपने देश के लिए। स्वतंत्रता और लोकतंत्र के आशीष के लिए धन्यवाद। इस खूबसूरत भूमि और इसके खूबसूरत लोगों के लिए धन्यवाद। मैं सभी लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ, ख़ासकर अधिकार के स्थान पर बैठे लोगों के लिए, कि आपकी बुद्धिमत्ता और सुरक्षात्मक हाथ उनका मार्गदर्शन करें। मैं आज यह समय प्रार्थना के लिए समर्पित करता हूँ, और मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपकी अच्छाई पृथ्वी पर स्थापित हो रही है। यीशु के नाम में, आमीन।

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आत्मिक परिपक्वता: संपूर्णता https://secretofsuccess.org/2025/01/25/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d/ https://secretofsuccess.org/2025/01/25/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d/#respond Sat, 25 Jan 2025 04:00:44 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1692 इपफ्रास जो तुम में से है और मसीह का दास है, तुम को नमस्कार कहता है और सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में परिश्रम करता है, कि तुम सिद्ध होकर परमेश्वर की इच्छा पर पूर्णतः स्थिर रहो। (कुलुस्सियों 4:12) हमारे मुख्य वर्स में प्रेरित पौलुस कुलुस्से की कलीसिया को संबोधित कर रहा था, और उन्हें बता […]

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इपफ्रास जो तुम में से है और मसीह का दास है, तुम को नमस्कार कहता है और सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में परिश्रम करता है, कि तुम सिद्ध होकर परमेश्वर की इच्छा पर पूर्णतः स्थिर रहो। (कुलुस्सियों 4:12)

हमारे मुख्य वर्स में प्रेरित पौलुस कुलुस्से की कलीसिया को संबोधित कर रहा था, और उन्हें बता रहा था, कि कैसे इपफ्रास उनके लिए मध्यस्थता कर रहा है, ताकि वे परमेश्वर की इच्छा में सिद्ध और संपूर्ण बने रहें। अब, जब आप इस वर्स को दूसरे अनुवाद से देखेंगे तो इसमें लिखा है: “इपफ्रास जो तुम में से है और मसीह यीशु का सेवक है, तुम्हें नमस्कार कहता है। वह हमेशा तुम्हारे लिए प्रार्थना में संघर्ष करता है, कि तुम परिपक्व होकर और पूरी तरह आश्वस्त होकर, परमेश्वर की सारी इच्छा पर स्थिर रहो।” (कुलुस्सियों 4:12 NIV)। यहाँ “परिपक्व और पूरी तरह से आश्वस्त” शब्दों का प्रयोग हमारे मुख्य वर्स में प्रयुक्त अनुवाद में “परिपूर्ण और सम्पूर्ण” शब्द पर्यायवाची के रूप में उपयोग किए गए हैं।

शब्द “सिद्ध” का अनुवाद ग्रीक शब्द “(teleios)टेलीओस” से किया गया है; इसका वास्तव में अर्थ है “परिपक्वता,” “संपूर्णता”; अर्थात, पूर्ण वयस्कता तक लाया जाना। जबकि उसी वर्स में शब्द “संपूर्ण” का अर्थ “(pleroo)प्लेरो” (ग्रीक) है, जिसका अर्थ है “भरपूर होना,” और किसी चीज़ की आवश्यकता न होना। इसलिए, मसीह यीशु में आत्मिक परिपक्वता और संपूर्णता एक साथ चलते हैं।

इपफ्रास के माध्यम से कलीसिया के लिए आत्मा की प्रार्थना है कि हम परमेश्वर की बातों में परिपक्व बनें और इस तरह से परिपूर्ण हों कि हमें किसी भी चीज़ की आवश्यकता न हो; यह हमारे लिए है कि हम संपूर्ण, सिद्ध और भरपूर बनें। यीशु पृथ्वी पर ऐसे ही थे ; वे परिपूर्ण और संपूर्ण थे, उन्हें किसी चीज़ की कमी नहीं थी। यही वह जीवन है जिसके लिए परमेश्वर ने आपको बुलाया है। यही वह जीवन है, जिसका प्रदाता उसने आपको बनाया है। आपको उसी के अनुसार जीवन जीना है। परमेश्वर ने आपको जिस संपूर्णता के लिए बुलाया है, उसमें जीवन जीने के लिए आत्मिक रूप से परिपक्व होने का चुनाव करें।

प्रार्थना:
प्रिय पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मुझे मसीह यीशु में संपूर्ण बनाने के लिये। जैसे मैं आत्मिक परिपक्वता में जीने का चुनाव करता हूँ, मैं एक सिद्ध जीवन जीता हूँ, मुझे किसी भी चीज़ की चाहत नहीं होती। मैं कौन हूँ और मसीह में मेरी विरासत क्या है, इसके बारे में मेरी मानसिकता सही है। मैं परमेश्वर को उसके वचन, उसकी आत्मा और उसके जीवन के लिए जो मुझमें है, महिमा देता हूँ और ऐलान करता हूँ कि मैं संपूर्ण हूँ और मुझे किसी चीज़ की कमी नहीं है। यीशु के नाम में। आमीन!

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https://secretofsuccess.org/2025/01/25/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d/feed/ 0
आत्मिक परिपक्वता: मसीह जीवन की चेतना https://secretofsuccess.org/2025/01/23/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b9-%e0%a4%9c%e0%a5%80/ https://secretofsuccess.org/2025/01/23/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b9-%e0%a4%9c%e0%a5%80/#respond Thu, 23 Jan 2025 01:27:39 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1679 जिन पर परमेश्वर प्रगट करना चाहता है, कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का धन कैसा है; और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। (कुलुस्सियों 1:27) एक मसीही के रूप में परिपक्व होने के लिए, आपको सजग रूप से और लगातार अपने अंदर मसीह के जीवन […]

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जिन पर परमेश्वर प्रगट करना चाहता है, कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का धन कैसा है; और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। (कुलुस्सियों 1:27)

एक मसीही के रूप में परिपक्व होने के लिए, आपको सजग रूप से और लगातार अपने अंदर मसीह के जीवन के प्रति सचेत रहना चाहिए। इसे मसीह जीवन की चेतना कहा जाता है। हमारे प्रभु यीशु ने कहा: “चोर किसी और काम के लिये नहीं, परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्ट करने को आता है; मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं” (यूहन्ना 10:10)। यह जीवन जो वह हमें देने आया था, वह परमेश्वर का जीवन है जो मसीह के द्वारा हम में प्रकट हुआ है।

जो व्यक्ति इस अलौकिक जीवन के प्रति सचेत नहीं है, वह कभी भी परमेश्वर की इच्छा और योजना के अनुसार नहीं जी सकता। आप में जो जीवन है वह मसीह का अलौकिक जीवन है। मसीह पूरी तरह से आप में निवास कर चुका है! आप उसके जीवित हेडक्वार्टर्स बन गए हैं; वह आपकी आँखों से देखता है और आपके पैरों से चलता है क्योंकि आप उसका पात्र; उसका शरीर बन गए हैं।

इसलिए, मसीह जीवन के प्रति सचेत हुए बिना आत्मिक परिपक्वता प्राप्त नहीं की जा सकती। आपके अंदर मसीह के जीवन की चेतना आपको अजेय और सदैव विजयी बनाएगी। यह परमेश्वर के परिपक्व पुत्र का जीवन है। यही आपका जीवन है।

प्रार्थना:
प्रिय पिता, मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपने मुझे मसीह का जीवन दिया – परमेश्वर का अद्भुत, अविनाशी, चमत्कारी जीवन। मैं हर समय इस जीवन के प्रति सचेत रहता हूँ। मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के लिए संसार को प्रभावित करते हुए अपना जीवन जीता हूँ, क्योंकि मैं उसमे अपनी दिव्यता के प्रति सचेत हूँ। यीशु के अनमोल नाम में। आमीन!

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परिपक्वता विनम्रता और कृतज्ञता लाती है https://secretofsuccess.org/2025/01/22/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%83/ https://secretofsuccess.org/2025/01/22/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%83/#respond Wed, 22 Jan 2025 05:27:31 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1673 मैं यह कह रहा हूँ कि जब तक वारिस बालक है, तब तक वह दास से भिन्न नहीं है, यद्यपि वह सब वस्तुओं का स्वामी है। (गलातियों 4:1BSB) परिपक्वता विनम्रता और कृतज्ञता से लिप्त होती है। जैसे आप परमेश्वर के वचन के ज्ञान में बढ़ते हैं और उन प्रतिभाओं और उपहारों को खोज पाते हैं […]

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मैं यह कह रहा हूँ कि जब तक वारिस बालक है, तब तक वह दास से भिन्न नहीं है, यद्यपि वह सब वस्तुओं का स्वामी है। (गलातियों 4:1BSB)

परिपक्वता विनम्रता और कृतज्ञता से लिप्त होती है। जैसे आप परमेश्वर के वचन के ज्ञान में बढ़ते हैं और उन प्रतिभाओं और उपहारों को खोज पाते हैं जो परमेश्वर ने आपको प्रदान किए हैं, आपको इसके बारे में अपनी समझ बढ़ानी होगी और परिपक्व होना होगा। ऐसे कई मसीही हैं जो अत्यंत ज्ञानी और प्रतिभाशाली हैं, फिर भी राज्य के लिए कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं क्योंकि उनमें परिपक्वता की कमी है।

यदि आप प्रतिभाशाली और बुद्धिमान हैं, तो यह आपके जीवन में परमेश्वर का कार्य है, और आपको इसके प्रति विनम्र और कृतज्ञ होना चाहिए। जिन लोगों ने आत्मिक रूप से परिपक्व होने का चुनाव नहीं किया है, उनमें इस गुण की कमी है। जो लोग इस बारे में विनम्र और कृतज्ञ नहीं हैं कि वे क्या हैं और परमेश्वर ने उन्हें क्या बनाया है, वे अक्सर दूसरों को अप्रिय होते हैं। किसी को भी सब कुछ जानने का दावा करने वाला पसंद नहीं होता। लेकिन हे भाई, जब आप अपनी बुद्धिमत्ता और उपहारों को विनम्रता और कृतज्ञता से ढालते हैं, तो इस सुसमाचार के लिए दुनिया को प्रभावित करने की आपकी क्षमता को निखार पाते है। जो आत्मा में अपरिपक्व है, उसके अंदर बहुत कुछ जमा हो सकता है, पर फिर भी वह परमेश्वर की चमकती और जलती हुई ज्योति बनने में विफल रहेगा। यही वह अंतर है जो आत्मिक परिपक्वता, मसीहियों के जीवन में लाती है।

हमेशा याद रखें, परमेश्वर ने जो कुछ आप में रखा है, वह केवल आपके बारे में नहीं है; यह आपके लिए है ताकि आप उसके राज्य के लिए संसार को प्रभावित करें; यह आपके लिए है ताकि आप उसकी महिमा और सामर्थ को प्रदर्शित करें; यह आपके लिए है ताकि आप इस संसार के लिए प्रेम, चंगाई और अनुग्रह का उसका बढ़ाया हुआ हाथ बनें। इसलिए, आत्मा में परिपक्व होने का चुनाव करें, और विनम्रता और कृतज्ञता आपके पीछे आएगी, जिससे आप जो कुछ भी करेंगे वह प्रभाव और सामर्थ से भरा होगा। जब तक आप परिपक्व नहीं हो जाते, आप इस संसार के तत्वों के गुलाम बने रहेंगे (संदर्भ: गलातियों 4:1)।

प्रार्थना:
अनमोल स्वर्गीय पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूं अपने वचन के माध्यम से मुझे परिपक्वता के तरीके सिखाने के लिए। मैं अपने तरीकों में विनम्रता और कृतज्ञता प्रदर्शित करता हूँ, क्योंकि मैं आत्मा में परिपक्व होना चुनता हूँ। मुझे इस सुसमाचार के माध्यम से प्रभाव डालने के लिए चुना गया है और मैं यह पवित्र आत्मा की सामर्थ से करता हूँ। यीशु के नाम में। आमीन!

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परिपक्वता एक चुनाव है https://secretofsuccess.org/2025/01/21/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%b9%e0%a5%88/ https://secretofsuccess.org/2025/01/21/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%b9%e0%a5%88/#respond Tue, 21 Jan 2025 02:54:00 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1658 अब मैं कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि वह सब का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं है। (गलातियों 4:1) इस संसार में एक मसीह के रूप में, आप हमारे प्रभु यीशु मसीह के एक्सटेंशन हैं। इसलिए, आप आत्मा में लंबे समय तक बालक नहीं रह सकते। […]

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अब मैं कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि वह सब का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं है। (गलातियों 4:1)

इस संसार में एक मसीह के रूप में, आप हमारे प्रभु यीशु मसीह के एक्सटेंशन हैं। इसलिए, आप आत्मा में लंबे समय तक बालक नहीं रह सकते। आपको प्रभु के साथ चलते हुए परिपक्व और विकसित होना चाहिए।

परिपक्व होने का अर्थ है, यह जानना कि परमेश्वर की इच्छा और योजना के अनुसार क्या करना है और कैसे करना है; और फिर उसे करना। किसी को परमेश्वर के वचन और उसकी इच्छा का पूरा ज्ञान हो सकता है, लेकिन जब तक वे उस पर कार्य करने का चुनाव नहीं करते, तब तक इसका कोई प्रभाव नहीं होता। इसलिए, परिपक्वता एक चुनाव है। यह सत्य है कि परमेश्वर ने आपको पृथ्वी पर यीशु मसीह का एक्सटेंशन बनाया है; लेकिन यदि आप परिपक्व होना नहीं चुनते हैं तो आप अभी भी एक साधारण जीवन जीते रहेंगे। हमारे मुख्य वर्स को देखिए, उसमें कहा गया है कि जब तक वारिस बालक है, वह किसी नौकर से बेहतर नहीं है। क्यों? क्योंकि वह अपने अधिकार और शक्ति के साथ शासन करने के लिए परिपक्वता प्राप्त नहीं कर पाया है, भले ही वह इसका असली उत्तराधिकारी है। यही बात उस मसीही के मामले में भी लागू होती है जो आत्मिक रूप से, बच्चा बने रहना चुनता है।

इसलिए , आपको अपने दिमाग को वचन के माध्यम से प्रशिक्षित करना चाहिए, तथा परिपक्व होने के लिए प्रार्थना और मनन के माध्यम से खुद को परमेश्वर की आत्मा के प्रति समर्पित करना चाहिए। आपको परमेश्वर की आत्मा और मसीह में अपने लीडर्स से प्राप्त प्रत्येक मार्गदर्शन पर बिना किसी हिचकिचाहट या भय के कार्य करना चाहिए। परिपक्वता चुनने का यही तरीका है। आपके पास एक प्रशिक्षित करने योग्य दिमाग है, इसे याद रखें और परमेश्वर के वचन के माध्यम से इसे नवीनीकृत करके लगातार अपने दिमाग को बदलें।

प्रार्थना:
प्रिय पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूं मुझे इस संसार में यीशु मसीह का एक्सटेंशन बनाने के लिए। मैं खुद को आपके वचन के ज्ञान से भरने और दिन-रात उस पर मनन करने के द्वारा आत्मा में परिपक्व होना चुनता हूँ। मैं जानता हूँ कि मुझे क्या करना है और आपकी इच्छा के अनुसार कैसे करना है, और मैं इसे आत्मा की सामर्थ्य से कार्यान्वित करता हूँ। यीशु के नाम में। आमीन!

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आत्मिक कार्य और क्षमताओं की खोज: भाग 2 https://secretofsuccess.org/2025/01/20/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-2/ https://secretofsuccess.org/2025/01/20/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-2/#respond Mon, 20 Jan 2025 02:52:35 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1651 उसने हर चीज़ को अपने समय पर सुंदर बनाया है। साथ ही, उसने मनुष्य के दिल में अनंत काल का ज्ञान भी डाला है (सभोपदेशक 3:11अ) परमेश्वर ने आपको रचनात्मक क्षमताएं दी हैं और आपकी आत्मा में अपार सामर्थ छिपी हुई है। आप जिस पर मनन करते हैं, वही आप निर्मित करते हैं। परमेश्वर के […]

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उसने हर चीज़ को अपने समय पर सुंदर बनाया है। साथ ही, उसने मनुष्य के दिल में अनंत काल का ज्ञान भी डाला है (सभोपदेशक 3:11अ)

परमेश्वर ने आपको रचनात्मक क्षमताएं दी हैं और आपकी आत्मा में अपार सामर्थ छिपी हुई है। आप जिस पर मनन करते हैं, वही आप निर्मित करते हैं। परमेश्वर के वचन पर मनन करना महत्वपूर्ण है। जब आप परमेश्वर के वचन पर मनन करते हैं, तो आप अपने जीवन में संपूर्णता ले आते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो, आपको परमेश्वर के वचन के अनुरूप मनन करने की आवश्यकता है। और जब हम विश्वास की बात करते हैं, विश्वास का मतलब यह है कि आप जो विश्वास करते हैं, उसे बोलें। विश्वास आशा की जाने वाली चीज़ों का प्रमाण है, और विश्वास परमेश्वर के वचन के माध्यम से आता है। यह कोई रैंडम विचार नहीं है जिसे आप सोचते हैं और फिर बनाते हैं। इसकी जड़ें परमेश्वर के वचन में होनी चाहिए। परमेश्वर का वचन परमेश्वर का विचार है, उसका निर्देश और उसकी इच्छा है, जिसे आप पवित्र आत्मा के द्वारा शास्त्रवचन का अध्ययन करके प्राप्त करते हैं, विशेष रूप से आपकी परिस्थितियों के लिए।

बाइबल 1 तीमुथियुस 4:8 में स्पष्ट करती है कि शारीरिक व्यायाम से थोड़ा लाभ होता है, परन्तु आत्मिक व्यायाम से सब बातों में लाभ होता है। आज जब आप सीक्रेट ऑफ़ सक्सेस का अध्ययन करेंगे, तो अपने समय को खर्च करने के तरीके में भी बदलाव लाये। आत्मिक गतिविधियों को प्राथमिकता दें, क्योंकि जब आप रैंडम शारीरिक प्रयास पर निर्भर रहने के बजाय आत्मा, से सृजन करेंगे तो अधिक लाभ होगा। शारीरिक गतिविधियाँ आत्मा में घटित हो रही गतिविधियों की अभिव्यक्ति होनी चाहिए। वे आपको कोई बढ़त नहीं देते; बल्कि, शारीरिक प्रयास आपकी आत्मिक दिशा को समर्थन और सुदृढ़ करने के लिए होते हैं।

प्रार्थना:
पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मुझे अपना शास्त्रवचन देने के लिए। जब मैं पवित्र आत्मा के द्वारा बाइबल का अध्ययन करता हूँ, तो मैं आपके वचन पर मनन करता हूँ। आपका वचन मुझे विकसित कर रहा है, और मुझमें कार्य कर रहा है। मैं आपको धन्यवाद देता हूँ मेरी आत्मा को सशक्त बनाने के लिए। मैं अपने जीवन में आपके वचन को पूरा करता हूँ, यीशु के नाम में। आमीन।

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आत्मिक कार्य और क्षमताओं की खोज: भाग 1 https://secretofsuccess.org/2025/01/19/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82/ https://secretofsuccess.org/2025/01/19/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82/#respond Sun, 19 Jan 2025 13:34:41 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1645 क्योंकि परमेश्वर जिसका मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्र के सुसमाचार के द्वारा सेवा करता हूं, वही मेरा गवाह है, कि मैं अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें निरन्तर स्मरण करता हूं। (रोमियों 1:9) जिस प्रकार शारीरिक गतिविधियाँ होती हैं, उसी प्रकार आत्मिक गतिविधियाँ भी होती हैं। आत्मिक गतिविधियाँ वे हैं जो आत्मा के माध्यम से की […]

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क्योंकि परमेश्वर जिसका मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्र के सुसमाचार के द्वारा सेवा करता हूं, वही मेरा गवाह है, कि मैं अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें निरन्तर स्मरण करता हूं। (रोमियों 1:9)

जिस प्रकार शारीरिक गतिविधियाँ होती हैं, उसी प्रकार आत्मिक गतिविधियाँ भी होती हैं। आत्मिक गतिविधियाँ वे हैं जो आत्मा के माध्यम से की जाती हैं। हालाँकि इसमें शारीरिक भागीदारी हो सकती है, लेकिन ये गतिविधियाँ मूल रूप से आत्मिक हैं। हमारी आरंभिक चर्चा में, पौलुस कहता है कि वह अपनी आत्मा से परमेश्वर की सेवा करता है। इससे पहले कि हम आत्मिक गतिविधियों पर चर्चा करें, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि जब मैं आत्मा की बात करता हूँ, तो मैं पुनः निर्मित आत्मा की बात कर रहा हूँ। जब कोई व्यक्ति मसीह को स्वीकार करता है और नया जन्म लेता है, तो उसकी आत्मा नयी हो जाती है। वे अब पवित्र आत्मा से जन्मे हैं, और उनकी मानवीय आत्मा पवित्र आत्मा के साथ एक हो गयी है। यह परमेश्वर के संतान की आत्मा है। जब आदम ने पाप किया, तो वह पहले आत्मिक रूप से मरा, और अंततः, वह शारीरिक रूप से भी मर गया। जब कोई व्यक्ति नया जन्म लेता है, तो वह आदम की तरह आत्मिक रूप से मृत नहीं रह जाता; इसके बजाय, उसकी आत्मा जीवित हो जाती है।

अब उसकी आत्मा में परमेश्वर का जीवन है और उसमें आत्मिक क्षमताएँ हैं। मसीह में आप परमेश्वर की संतान हैं और आपकी आत्मा जीवित हो गयी है। आपकी आत्मा में अद्भुत सामर्थ है।

जब आप प्रार्थना करते हैं, तो इसका मतलब सिर्फ अपने स्वर्गीय पिता के सामने अपनी मांग रखना नहीं होता – इसमें और भी बहुत कुछ होता है। ख़ासकर, जब आप अन्यभाषा में प्रार्थना करते हैं, तो आपकी आत्मा अपनी शक्ति को उजागर करती है, आत्मा के क्षेत्र में चीजों का सृजन करती है, आपके भविष्य को नया आकार देती है, और आपकी परिस्थितियों में गतिशील परिवर्तन लाती है।

इसी तरह, जब आप दूसरों के लिए प्रार्थना करते हैं या किसी विशिष्ट परिस्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जहां आप परिवर्तन चाहते हैं, तो यह आपकी आत्मा ही है जो सामर्थ उत्पन्न करती है और उस परिवर्तन को लाने के लिए जिम्मेदार होती है। अक्सर, आप परमेश्वर की बुद्धिमत्ता के अनुसार, उन मिनिस्टर करने वाले स्वर्गदूतों को निर्देश दे रहे होते हैं जो आपके देश, राष्ट्र, या परिस्थितियों में परमेश्वर की इच्छा को स्थापित करने में शामिल हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि जितना अधिक आप अपनी आत्मा का उपयोग करेंगे और आत्मिक गतिविधियों में शामिल होंगे, उतना ही अधिक आप अपनी आत्मिक क्षमताओं के प्रति प्रबुद्ध होते जाएंगे। जब तक आप खोज नहीं करेंगे, आप कभी यह नहीं समझ पाएंगे कि मसीह यीशु में आप कितने सामर्थी हैं।

प्रार्थना:
प्रिय पिता, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि मसीह यीशु में मेरी आत्मा जीवित है। मैं आपकी संतान हूँ और आपने मेरी आत्मा में गतिशील क्षमताएँ दी हैं। मैं अपनी आत्मिक क्षमताओं को पहचानता हूँ, और आपके द्वारा मेरे लिए रखी गई सिद्ध इच्छा के अनुसार चलता हूँ। मैं अपनी सभी आत्मिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करता हूँ और पृथ्वी पर आपकी सिद्ध इच्छा को पूरा करता हूँ। यीशु के नाम में; आमीन।

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हम, परमेश्वर के पहले फल https://secretofsuccess.org/2025/01/18/%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%b2/ https://secretofsuccess.org/2025/01/18/%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%b2/#respond Sat, 18 Jan 2025 04:18:34 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1634 उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हो (याकूब 1:18) पहले फल या पहलौटे का असल मतलब है सबसे अच्छा जो पहला हो, दुसरे शब्दों में सबसे उत्तम। परमेश्वर ने हमसे इतना प्रेम […]

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उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हो (याकूब 1:18)

पहले फल या पहलौटे का असल मतलब है सबसे अच्छा जो पहला हो, दुसरे शब्दों में सबसे उत्तम। परमेश्वर ने हमसे इतना प्रेम किया कि मसीह यीशु में उसने हमें अपना पहला फल बनाया। परमेश्वर सबसे ऊँचा है और वह हमेशा पहला फल अपने लिए रिज़र्व करके रखता है। हम उसके पहले फल हैं। पुराने नियम में, इस्राएली वह थे जिन्हें परमेश्वर अपना पहला फल मानता था, और जब मिस्र देश के राजा ने इस्राएलियों को बंधी बना लिया था और उन्हें नहीं छोड़ रहा था, परमेश्वर, मिस्र देश के ऊपर न्याय को लाया और मिस्र देश के सारे पहले जन्में मर गए। आज भी, जब कोई बुराई आपके विरुद्ध आती है वह मर जाती है क्योंकि आप परमेश्वर के पहले फल हैं।

अब जब आप जानते हैं कि आप उसके पहले फल हैं, यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपनी ज़िन्दगी उसके लिए जियें। उसने आपको अपने लिए रिज़र्व किया है ताकि आपकी ज़िन्दगी ऐसी हो जो उसकी महानता की गवाहियों के लिए रिज़र्व हो। उसने आपको अलग किया है आपको बलवंत, अमीर और महान बनाने के लिए चाहे दुनिया की परिस्थिति कुछ भी हो। आप परमेश्वर के पहले फल हैं इसलिए कोई भी आर्थिक मंदी आपके ऊपर असर नही कर सकती, कोई भी महामारी, कोई इबोला, कोई कोरोनावायरस, कोई डेंगू या किसी भी प्रकार के दूषण में कोई सामर्थ नहीं है कि वो आपका कुछ बिगार सके!

इस नए और ताज़ा और सामर्थी ज्ञान में जियिए कि आप परमेश्वर के पहले फल हैं! अपने आप को उसे और ज्यादा सौंपिए और हर दिन और ज्यादा ऊँची उड़ान भरिये (रोमियो 6:13)।

घोषणा:
धन्यवाद पिता मुझे अपने वचन के द्वारा जन्म देने के लिए और मुझे अपना पहला फल बनाने के लिए। मैं अपने आप को, आपको सौंपता हूँ आपके द्वारा सत्यनिष्ठा के औज़ार की तरह इस्तेमाल किये जाने के लिए , उस आशा, प्रेम और ज्योति को फैलाते हुए जो मैंने आप से ग्रहण किया है।

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थोड़े में विश्वसनीय, अधिक में विश्वसनीय! https://secretofsuccess.org/2025/01/16/%e0%a4%a5%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95/ https://secretofsuccess.org/2025/01/16/%e0%a4%a5%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95/#respond Thu, 16 Jan 2025 03:02:22 +0000 https://secretofsuccess.org/?p=1622 जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है। (लूका 16:10) एक मसीही के रूप में आप मसीह में अपने जीवन में एक स्तर से दूसरे स्तर तक यात्रा करते हैं। हालाँकि, आपके जीवन के किसी भी […]

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जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है। (लूका 16:10)

एक मसीही के रूप में आप मसीह में अपने जीवन में एक स्तर से दूसरे स्तर तक यात्रा करते हैं। हालाँकि, आपके जीवन के किसी भी और हर पहलू में आगे बढ़ने का सिद्धांत एक ही है; जो आपको दिया गया है उसके प्रति विश्वसनीय रहना।

परमेश्वर उन लोगों को बढ़ावा देता है जो उन चीज़ों के प्रति विश्वसनीय होते हैं जो उसने उन्हें पहले ही प्रदान की हैं। जैसे, दाऊद ने गोलियत को हराकर इस्राएल का राजा बनने से पहले, परमेश्वर ने उसे भेड़ें दी थीं जिनकी उसे देखभाल करनी थी। क्या वह एक चरवाहे के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विश्वसनीय था? बिलकुल हाँ! उसने विभिन्न अवसरों पर अपनी भेड़ों को शेर और भालू से बचाया। इसलिए, परमेश्वर ने उसे अपने लोगों, अर्थात् इस्राएल, का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी और अधिकार दिया।

वह कौन सा डिपार्टमेंट है जहां आप अटके हुए या स्थायी महसूस करते हैं? खुद को जाँचें; क्या आप परमेश्वर द्वारा आपको दी गई चीज़ों के प्रति विश्वसनीय रहे हैं। क्या वह धन है? क्या आप दशमांश, पहलौटा और परमेश्वर द्वारा आपको दी गई भेंट के प्रति विश्वसनीय रहे हैं? या फिर यह आपके स्वास्थ्य के बारे में है? क्या आप वचन में आपके स्वास्थ्य के बारे में दिए गए निर्देशों के प्रति विश्वसनीय रहे हैं? या यह आपका काम या बिज़नेस है? क्या आप उन संसाधनों और लोगों के प्रति विश्वसनीय रहे हैं जो परमेश्वर ने आपको दिए हैं?

यदि आप वर्तमान समय में जो कुछ भी आपके पास है उसके प्रति विश्वसनीय हैं, तो फिर यह बताने की कोई आवश्यकता नहीं है कि आप मसीह के साथ अपने जीवन में कितनी दूर और कितनी ऊँचाई तक उड़ सकते हैं। परमेश्वर द्वारा जिम्मेदारी और संसाधनों के प्रति विश्वसनीय रहने का निर्णय लें और आप अपने जीवन के आयामों में अंतर देखेंगे।

प्रार्थना:
महिमामय स्वर्गीय पिता, मैं आपको धन्यवाद देता हूँ आज इस वचन के माध्यम से मुझे मार्गदर्शन देने के लिए। मैं आज जो कुछ मेरे पास है, उसके प्रति विश्वसनीय रहने का संकल्प करता हूँ, यह जानते हुए कि मेरे विकास का बीज मेरी आज की विश्वसनीयता में निहित है। मैं आपका अनुसरण करने और जीवन में आगे बढ़ने, तथा राज्य की महिमा को आगे लाने, के लिए ऊर्जा से भरा हूँ, यीशु के महान नाम में। आमीन!

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