आत्मिक कार्य और क्षमताओं की खोज: भाग 1

क्योंकि परमेश्वर जिसका मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्र के सुसमाचार के द्वारा सेवा करता हूं, वही मेरा गवाह है, कि मैं अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें निरन्तर स्मरण करता हूं। (रोमियों 1:9) जिस प्रकार शारीरिक गतिविधियाँ होती हैं, उसी प्रकार आत्मिक गतिविधियाँ भी होती हैं। आत्मिक गतिविधियाँ वे हैं जो आत्मा के माध्यम से की […]

हम, परमेश्वर के पहले फल

उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हो (याकूब 1:18) पहले फल या पहलौटे का असल मतलब है सबसे अच्छा जो पहला हो, दुसरे शब्दों में सबसे उत्तम। परमेश्वर ने हमसे इतना प्रेम […]

थोड़े में विश्वसनीय, अधिक में विश्वसनीय!

जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है। (लूका 16:10) एक मसीही के रूप में आप मसीह में अपने जीवन में एक स्तर से दूसरे स्तर तक यात्रा करते हैं। हालाँकि, आपके जीवन के किसी भी […]

पूरे समय जुनून से भरे रहिए

येशु ने कहा, ” देरी मत करो, पीछे मत मुड़ो l परमेश्वर के राज्य को तुम कल पर नही टाल सकते l आज को थाम लो “l (लूका 9:62MSG) हर बार जब एक नया साल शुरू होता है हर कोई बड़ा करने के बारे में सोचने लगता है l कुछ लोग शारीरिक उपलब्धियों के बारे […]

अपनी बुलाहट पर कभी संदेह ना करें

उसी ने हमें नई वाचा के सेवक होने के योग्य भी किया, शब्द के सेवक नहीं वरन आत्मा के; क्योंकि शब्द मारता है, पर आत्मा जिलाता है। (2 कुरिन्थियों 3:6) मसीह जीवन में कई बार जब विश्वासियों और परमेश्वर के सेवकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो वे अपनी बुलाहट पर संदेह करने […]

आत्मिक जायंट बनें

क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की प्रतीक्षा कर रही है। (रोमियों 8:19) पृथ्वी ने विभिन्न प्रकार के जायंट जीवों को देखा है। बाइबल में प्राचीन समय के गोलियत जैसे शारीरिक जायंट का वर्णन किया गया है। आधुनिक दिनों में, हम मानसिक जायंट का सामना करते हैं। हालाँकि, आज […]

हासिल करने वाले की तरह बुलाए गए

परन्तु मेरे जन्म से पहले ही परमेश्वर ने मुझे चुन लिया और अपने अद्भुत अनुग्रह से मुझे बुलाया। और उसे प्रसन्नता हुई कि अपने पुत्र को मुझ पर प्रगट करे, कि मैं अन्यजातियों को यीशु का सुसमाचार सुनाऊं। और जब यह हुआ, तो मैं किसी मनुष्य से सलाह लेने के लिए दौड़ा नहीं। (गलातियों 1:15-16 […]

आपकी असाधारणता

यहोवा तुझे सिर बनाएगा, पूंछ नहीं। यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं पर ध्यान दे जो मैं आज तुझे देता हूँ और उनका पालन कर, तो तू हमेशा सबसे ऊपर रहेगा, कभी नीचे नहीं। (व्यवस्थाविवरण 28:13) परमेश्वर ने आपको ऐसी चीज़ों के लिए बनाया है जिन्हें आप मानवीय तर्क से कभी नहीं समझ सकते। […]

अपने जीवन की ज़िम्मेदारी लें

हर उस व्यक्ति से जिसे बहुत कुछ दिया गया है, उससे बहुत मांगा जाएगा; और जिसे बहुत सौंपा गया है, उससे बहुत मांगा जाएगा। (लूका 12:48 NIV) ‘जिम्मेदारी’ शब्द का अर्थ है – किसी आवश्यकता या अवसर पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता – इस तरह से कि आपकी भागीदारी इसे बेहतर या पूर्ण बना दे। […]

अवसर की ख़ोज करें

और मैं तुम से कहता हूं, कि मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। (लूका 11:9) जब आप अन्य भाषाओं में, आत्मा में प्रार्थना करते हैं, तो आप ऐसी परिस्थितियाँ और हालात पैदा करते हैं जो आपके पक्ष में हों। ये परिस्थितियाँ आपके पक्ष में हैं – […]