आभारी रहिये

…हर बात में धन्यवादी बने रहो। यही वह बात है जो परमेश्वर तुमसे चाहता है कि तुम मसीह यीशु में अपने जीवन में बने रहो (1 थिस्सलुनीकियों 5:18)। एक गुण जो आप हमेशा सफल लोगों में पाएंगे, वह यह है कि ऐसे लोग आभारी होते हैं। एक सही मायने में सफल व्यक्ति सदैव कृतज्ञता के […]

उसके तरीकों पर भरोसा कीजिए!

धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके […]

परमेश्वर के जन पर विश्वास करने की हिम्मत कीजिए

…. अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे। (2 इतिहास 20:20) ऊपर पद में शब्द “नबियों”, परमेश्वर के जन को दर्शाता है। परमेश्वर कहता हैं कि अगर आप उस पर विश्वास करते हैं, तो आप स्थापित किये जाएँगे और अगर आप परमेश्वर […]

आपके पास कोई कमी नही है

और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा। (फिलिप्पियों 4:19) एक व्यक्ति के जीवन में कमी का होना एक आत्मिक बात है ना की शारीरिक। कमी, किसी चीज़ का ना होना नही है, परन्तु एक अवस्था है जब लोग परमेश्वर […]

मिनिस्ट्री की शाही विरासत

इसलिये हम उसके द्वारा स्तुति रूपी बलिदान, अर्थात उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (इब्रानियों 13:15) मसीह यीशु में, परमेश्वर ने हमें अपना शाही याजक बनाया है। एक सबसे महत्वपूर्ण कार्य जो शाही याजक का होता है वह है परमेश्वर की सेवा, कुर्बानी देकर […]

पैसे आपके स्वाभाव को बढ़ावा देता है

क्योंकि रूपये से प्रेम सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है। (1 तीमुथियुस 6:10)  बहुत लोग यह बहाना बनाते हैं, “मेरे पास पैसे ही नहीं होते इसलिए मैं दे नही पाता”; वो कहते हैं, […]

अपने देने के द्वारा परमेश्वर का सम्मान कीजिये!

फिर तुम यह भी कहते हो, “ ओह! परमेश्वर की सेवा करना तो बहुत मुश्किल है और वह मानना भी जो वह कहता है”| तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ […]

दिव्य अंतर्दृष्टि की रखवाली करें

क्योंकि जिसके पास है, उसे और दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; परन्तु जिसके पास नहीं है, उससे वह भी जो उसके पास है, ले लिया जाएगा। (मत्ती 13:12) यीशु अपने शिष्यों से बात कर रहा था और जब वह उनसे बातचीत रहा था तो उसने कुछ अद्भुत बातें कहीं। मत्ती 13:11 में; […]

बदलाव की एक दृढ़ चाह रखें

एक सत्यनिष्ठ व्यक्ति की हृदय से की गयी लगातार प्रार्थना बहुत सामर्थ उपलब्ध कराती है जो कार्य में अद्भुद होती है (याकूब 5:16b) परमेश्वर ने हमें इस दुनिया में अपने हाथों की तरह रखा है। उसने हमें यह पूरी दुनिया दी है ताकि हम इस पूरी दुनिया को एक बेहतर जगह बना सकें। परमेश्वर ने […]

खुद को चुनौती देना

इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। तब तुम परमेश्वर- की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहोगे। (रोमियों 12:2 NIV) मसीह लोगों को अपने विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए लगातार स्वयं, को चुनौती देने की […]