अपने भीतरी मनुष्य को मजबूत बनाये
उसकी आत्मा से अपने भीतरी मनुष्य में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ (इफिसियों 3:16) मनुष्य एक आत्मा है और वह शरीर में रहता है। अपने बारे में, अपने भीतर के मनुष्य के बारे में शिक्षित होना बहुत महत्वपूर्ण है। परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जब आदम ने पाप किया, तो वह जीवन से […]
परमेश्वर की आवाज़ पर मनन करना
व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। (यहोशू 1:8) परमेश्वर की आवाज़ सिर्फ़ दिव्य निर्देश […]
प्रार्थना में परमेश्वर की आवाज़ सुनना
मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। (यूहन्ना 10:27) प्रार्थना हमारे स्वर्गीय पिता के साथ हमारा दिव्य कम्युनिकेशन है। यह केवल अपनी ज़रूरतो को प्रस्तुत करने या सहायता मांगने का क्षण नहीं है – प्रार्थना परमेश्वर के साथ कम्युनिकेशन, परामर्श और संगति का एक पवित्र […]
यूहन्ना और जुडास के जीवन से सबक़
उस ने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था। (यूहन्ना 12:6) यूहन्ना और यहूदा इस्करियोती (जुडास), यीशु के बारह शिष्यों में से थे। हालाँकि, दोनों […]
सत्य को मोल लेना
सच्चाई को मोल लेना, बेचना नहीं; और बुद्धि और शिक्षा और समझ को भी मोल लेना। (नीतिवचन 23:23) परमेश्वर सबसे अच्छा व्यक्तित्व है हमें यह सिखाने के लिए कि जीवन में सफल कैसे हो सकते हैं| परमेश्वर की बुद्धिमता कुछ समय दुनिया के लिए बेवकूफी होती है| यह मनुष्य के समझ से परे है और […]
यीशु के साथ हमारी एकता और संगति
परमेश्वर सच्चा है, और उसने हमें अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है (1 कुरिन्थियों 1:9)। यीशु मसीह की संगति में बुलाए जाने का अर्थ है कि हम उसके साथ एकता में आ गए हैं। इसका अर्थ है कि हमें उसकी श्रेणी में लाया गया है, और अब हम उसके साथ […]
यह वचन के द्वारा होता है!
यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी। (गलातियों 5:25) परमेश्वर का वचन हमारी आत्मा के लिए निर्माण सामग्री है। यह हमारी आत्मा को प्रशिक्षित करने के लिए एकमात्र सामग्री है। इसलिए हमारे जीवन में परमेश्वर के वचन को केंद्र स्थान देना महत्वपूर्ण है। जब आप अपनी आत्मा को परमेश्वर […]
सफलता का सबसे बड़ा आत्मिक रहस्य
परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। (यूहन्ना 16:13 KJV) मसीह में, आप पवित्र आत्मा से भरे गये हैं। परमेश्वर की आत्मा के बारे में एक सुन्दर बात यह […]