परमेश्वर को अपना एकमात्र स्रोत जानें
यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। (भजन संहिता 23:1) दाऊद को परमेश्वर के विषय में कितना शक्तिशाली प्रकटीकरण था—उसने परमेश्वर को केवल अपना सप्लायर ही नहीं, बल्कि अपना चरवाहा भी कहा। एक चरवाहा सिर्फ प्रदान नहीं करता; वह भेड़ों को हर दिन हर समय मार्गदर्शन, भोजन, सुरक्षा, और देखभाल करता है। दाऊद […]
यहोशू के जीवन से सबक
तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा और न तुझ को छोडूंगा। इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी […]
एस्तेर के जीवन से सबक
क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उद्धार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो?(एस्तेर 4:14) एस्तेर एक यहूदी महिला थी, जिसने फ़ारसी राजा की नज़रों […]
मूसा के जीवन से सबक
मूसा तो उसके सारे घर में सेवक की नाईं विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे। (इब्रानियों 3:5) मूसा को 80 वर्ष की आयु में मिस्र के फिरौन के हाथों से इस्राएल को छुड़ाने के लिए परमेश्वर ने बुलाया था। एक ऐसी उम्र जिसे कई लोग अपने […]