आपके शब्द आपके जीवन को आकार देते हैं

जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा। (नीतिवचन 18:21) आपके शब्द केवल खाली आवाज़ें नहीं हैं। वे दिशा, प्रभाव और शक्ति रखते हैं। परमेश्वर ने आपकी जीभ को ऐसी पतवार की तरह बनाया है जो आपके जीवन की दिशा निर्धारित […]
अपने जीवन में वचन को सिद्ध करें

और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो। (गलातियों 3:29) एक विश्वासी के रूप में आप परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं से अलग नहीं हैं—आप पूरी तरह मसीह में स्थित हैं। इसका अर्थ है कि अब्राहम से जुड़ी आशीषें अब आपकी हैं। आप परमेश्वर की वाचा का हिस्सा […]
यीशु: चरवाहा और हमारा आराम

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। (भजन संहिता 23:1) यीशु हमें जीवन में भटकता हुआ छोड़ने नहीं आया— वह हमें चरवाहे के समान मार्गदर्शन करने आया है। लोग संपत्ति, रिश्तों और उपलब्धियों में सुरक्षा खोजते हैं, जब की सच्चा आराम केवल मसीह में ही मिलता है। जब यीशु आपकी आत्मा का चरवाहा […]
वही मत रुकें!

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। (रोमियों 12:2) विश्वास एक आत्मिक मसल(muscle)है, और सभी मसल(muscle) की तरह, यह तभी बढ़ती है जब इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्षमता तब बढ़ती है जब आप ख़ुद को उस स्तर से आगे खिंचते हैं […]