अपनी यरदन को पार करें

और जब वे पार हो गए, तब ऐसा हुआ कि एलिय्याह ने एलीशा से कहा, “मेरे उठा लिए जाने से पहले जो कुछ मैं तेरे लिए करूँ, माँग।( 2 राजा 2:9) एलिय्याह और एलीशा की कहानी हमें आत्मिक बदलाव की एक शक्तिशाली तस्वीर दिखाती है। एलीशा अलग-अलग जगहों पर एलिय्याह के साथ चलता रहा, लेकिन […]
पुराने जीवन को पीछे छोड़ दें

इसलिये यदि कोई मसीह में है, तो वह नई सृष्टि है; पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, सब बातें नई हो गई हैं। (2 कुरिन्थियों 5:17) परमेश्वर के साथ चलते हुए एक समय ऐसा आता है जब आपको अपने अतीत को अपने वर्तमान को नियंत्रित करने देना बंद करना पड़ता है। पुराने जीवन का नई […]
भरोसा रखें और आज्ञा मानें

यदि तुम आज्ञा मानने और इच्छा से चलने को तैयार हो, तो देश के उत्तम पदार्थ खाओगे। (यशायाह 1:19) आत्मिक उत्कृष्टता केवल इस बात से दिखाई नहीं देती कि हम कितना जानते हैं, बल्कि इस बात से भी दिखाई देती है कि हम पवित्र आत्मा के निर्देशों का कितनी सही तरह से पालन करते हैं। […]
मसीह में अपने जीवन को गंभीरता से लें

और आइए, हम एक-दूसरे का ध्यान रखें कि प्रेम और अच्छे कामों के लिए एक-दूसरे को उत्साहित करें। और एक-दूसरे के साथ इकट्ठा होना न छोड़ें, जैसा कि कुछ लोगों की आदत है; बल्कि एक-दूसरे को उत्साहित करते रहें। (इब्रानियों 10:24–25) हमारे मसीही जीवन में एक गंभीरता होनी चाहिए। मसीही जीवन ऐसा नहीं है जिसे […]
पवित्र आत्मा के प्रवाह में बढ़ते जाइए

और ऐसा होगा कि जहाँ-जहाँ ये नदियाँ जाएँगी, वहाँ हर एक जीवित प्राणी जो चलता-फिरता है, जीवित रहेगा… ( यहेजकेल 47:9) पवित्र आत्मा आपके साथ कभी-कभार होने वाले अनुभव से कहीं अधिक चाहता है; वह चाहता है कि आपके जीवन में उसका लगातार प्रवाह बना रहे। यहेजकेल के दर्शन में पानी पहले टखनों तक पहुँचा, […]
परमेश्वर चाहता है कि आप बढ़ें

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन॥ (2 पतरस 3:18) जब हम मसीह में आते हैं, तो हमें जीवन भर एक ही स्तर पर बने रहने के लिए नहीं बुलाया जाता है। जिस तरह एक बच्चे से […]
परमेश्वर के वचन से अपने हृदय को भरें

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए… (यहोशू 1:8) परमेश्वर के वचन से अपने हृदय को भरना आपके जीवन का सबसे महान निवेश है। जीवन में अनेक प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं—चाहे वे स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, रिश्तो या महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़ी हों—लेकिन परमेश्वर का जवाब वही रहता है: खुद […]
परमेश्वर के वचन को विकसित करें

जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।(मत्ती 13:23) हर विश्वासी फलवन्त होना चाहता है, परन्तु फलवन्तता अपने-आप नहीं आती। बोने वाले के दृष्टान्त में प्रभु यीशु ने प्रकट किया कि भूमि की स्थिति ही […]
आपकी धारणा और उद्धार

पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा। (मत्ती 10:33) ऊपर दिए गए वचन में, प्रभु यीशु ने बताया कि उसके प्रति हमारी धारणा स्वर्ग में हमारे स्थान को निर्धारित करती है। उसने कहा, “पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा […]
आत्मविश्वास के साथ यरदन पार करें

और उसने एलिय्याह की वह चद्दर जो उस पर से गिरी थी, पकड़ कर जल पर मारी और कहा, एलिय्याह का परमेश्वर यहोवा कहां है? जब उसने जल पर मारा, तब वह इधर उधर दो भाग हो गया और एलीशा पार हो गया। (2 राजा 2:14) जब आग के रथ द्वारा एलिय्याह स्वर्ग में उठा […]