वचन और आत्मा में लगातार बढ़ते रहें

Consistently growing in the Word and Spirit through prayer, obedience, and daily revelation in Christ.

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन (2 पतरस 3:18)। परमेश्वर के राज्य में बढ़ोतरी वैकल्पिक नहीं है – यह अपेक्षित है। जिस तरह एक नवजात शिशु से परिपक्वता की ओर बढ़ने की अपेक्षा की जाती है, […]

जाये और स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करें

Go and Speak in Tongues – praying in tongues for divine strength and guidance

जो स्वर्गीय भाषा में बातें करता है, वह अपनी ही उन्नति करता है; परन्तु जो भविष्यद्वाणी करता है, वह कलीसिया की उन्नति करता है(1 कुरिन्थियों 14:4)। परमेश्वर की आत्मा से यह सीधी प्रेरणा आती है: जाये और स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करें। यह निर्देश भले ही सरल लगे, परंतु यह गहन और समयानुकूल है—यह ऐसे […]

अपने भीतरी मनुष्य को मजबूत बनाये

उसकी आत्मा से अपने भीतरी मनुष्य में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ (इफिसियों 3:16) मनुष्य एक आत्मा है और वह शरीर में रहता है। अपने बारे में, अपने भीतर के मनुष्य के बारे में शिक्षित होना बहुत महत्वपूर्ण है। परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जब आदम ने पाप किया, तो वह जीवन से […]

स्मारक बनाएँ

फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं। (उत्पत्ति 1:29A) पृथ्वी पर रहते हुए यीशु ने जो अदभुत कथन दिया था, उनमें से एक था, कि हम वो नहीं हैं जिन्होंने उसे चुना है, बल्कि, उसने […]

प्रेरित पौलुस के जीवन से सबक

मैं तो पहिले निन्दा करने वाला और सताने वाला और अन्धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ। (1 तीमुथियुस 1: […]

उनके जीवन से सबक लें

ताकि तुम आलसी न हो जाओ; वरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।(इब्रानियों 6:12) बाइबल उन लोगों की गवाहियों से भरी हुई है जो विश्वास में चले और परमेश्वर के वादों को प्राप्त किया। साथ ही, यह उन लोगों की गवाहियों से भरी पड़ी है जो […]

विश्वास का आपका दृष्टिकोण

परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]