विश्वास: वह सामर्थ जो परिणाम उत्पन्न करती है

अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और अनदेखी वस्तुओं का प्रमाण है (इब्रानियों 11:1)। विश्वास केवल यह मानना नहीं है कि परमेश्वर का अस्तित्व है; यह आत्मा की जीवित सामर्थ है जो अदृश्य वास्तविकताओं को प्रकट करती है। विश्वास उस बात को थाम लेता है जो परमेश्वर ने कही है और उसे आपके […]
जाए और स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करें

क्योंकि जो स्वर्गीय ‘भाषा में बातें करता है; वह मनुष्यों से नहीं, परन्तु परमेश्वर से बातें करता है; इसलिये कि उस की कोई नहीं समझता; क्योंकि वह भेद की बातें आत्मा में होकर बोलता है। (1 कुरिन्थियों 14:2) स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करने का उपहार उससे कहीं अधिक शक्तिशाली है जितना कई विश्वासी समझते हैं। […]
अपने आप को पूरी तरह से दे दो!
इन बातों पर मनन करो; अपने आप को पूरी तरह से उनको दे दो; कि तेरा लाभ सब को प्रगट हो। (1 तीमुथियुस 4:15) बहुतों ने परमेश्वर के वचन को अपने जीवन में परिणाम उत्पन्न करते हुए नहीं देखा है, क्योंकि वे हमारे मुख्य वचन में दिए गए निर्देश से चूक गए हैं। निर्देश यह […]
परमेश्वर की आवाज़ और आपकी आज्ञाकारिता
यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपने कुटुम्ब, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जिसे मैं तुझे दिखाऊंगा। (उत्पत्ति 12:1) जब परमेश्वर की आवाज़ आपके पास आती है, तो उसमें हमेशा कोई ऐसा आदेश या निर्देश नहीं होता जिसे लागू करना आसान हो। कई बार, यह कठिन […]
सत्य को मोल लेना
सच्चाई को मोल लेना, बेचना नहीं; और बुद्धि और शिक्षा और समझ को भी मोल लेना। (नीतिवचन 23:23) परमेश्वर सबसे अच्छा व्यक्तित्व है हमें यह सिखाने के लिए कि जीवन में सफल कैसे हो सकते हैं| परमेश्वर की बुद्धिमता कुछ समय दुनिया के लिए बेवकूफी होती है| यह मनुष्य के समझ से परे है और […]