पवित्र आत्मा के द्वारा सच्ची सफलता

तो मसीह का लहू, जिसने सनातन आत्मा के द्वारा अपने आप को निर्दोष होकर परमेश्वर के सामने अर्पित किया, हमारे विवेक को मरे हुए कामों से शुद्ध करके हमें जीवते परमेश्वर की सेवा करने के योग्य कितना अधिक करेगा। (इब्रानियों 9:14) सच्ची सफलता पवित्र आत्मा के बिना कभी नहीं पाई जा सकती। जीवन में आप […]
प्रभु को “हाँ” कहिए

और मैं पिता से विनती करूँगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, जो सदा तुम्हारे साथ रहेगा।(यूहन्ना 14:16) पवित्र आत्मा स्वयं परमेश्वर का आत्मा है। प्रभु यीशु ने उसे “एक और सहायक” कहा। इसके लिए यूनानी भाषा में “allos paraklētos” शब्द का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है—उसी प्रकार का एक और; अर्थात स्वभाव, […]
उसकी आवाज़ को अपनी जीवनशैली बनाइए

मेरी भेड़ें मेरी आवाज़ सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे चलती हैं। (यूहन्ना 10:27) अब जो आप मसीह में हैं, आपको परमेश्वर की आवाज़ सुनना किसी असाधारण घटना की तरह नहीं, बल्कि हर दिन की वास्तविकता के रूप में देखना चाहिए। पवित्र आत्मा आपके भीतर वास करता है, और वह […]
उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चलिए

यदि तुम आत्मा की अगुवाई में चलते हो, तो व्यवस्था के अधीन नहीं हो। (गलातियों 5:18) अब जो आप मसीह में हैं, पवित्र आत्मा केवल कभी-कभी आपको प्रेरित नहीं करता, बल्कि वह चाहता है कि वह हर दिन आपकी अगुवाई करे। जैसे-जैसे आप उसकी कोमल प्रेरणाओं का उत्तर देना सीखते हैं, वैसे-वैसे उसके साथ कदम […]
पवित्र आत्मा की चेतना में जीवन जीएँ

परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो वह तुम्हें सारे सत्य का मार्ग दिखाएगा… और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। (यूहन्ना 16:13) अब जो आप मसीह में हैं, पवित्र आत्मा आपके भीतर रहता है और आपमें वास करता है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि आप अपने दैनिक जीवन में उसकी उपस्थिति की गहरी […]
अपने भीतर की लड़ाई को जीतें

क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में, और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं। (गलातियों 5:17) एक विश्वासी के सामने आने वाली सबसे बड़ी लड़ाइयों में से एक संसार के विरुद्ध नहीं, बल्कि उसके अपने भीतर होती है। शरीर की इच्छाएँ निरंतर पवित्र आत्मा की अगुवाई का […]
परमेश्वर चाहता है कि आप बढ़ें

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन॥ (2 पतरस 3:18) जब हम मसीह में आते हैं, तो हमें जीवन भर एक ही स्तर पर बने रहने के लिए नहीं बुलाया जाता है। जिस तरह एक बच्चे से […]
जागते रहे, प्रार्थना करे और तैयार रहे

जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो…” (मरकुस 14:38) मसीही जीवन सुंदर रूप से संतुलित है। इसमें उत्सव मनाने, संगति करने और आनन्दित होने के मौके तो होते ही हैं, लेकिन प्रार्थना, उपवास और आत्मिक जागरूकता के समय भी होने चाहिए। एक को दूसरे का स्थान नहीं लेना चाहिए। जब हम […]
अपने ह्रदय की रक्षा करे गलत प्रभावों से

और यह उन झूठे भाइयों के कारण हुआ, जो चोरी से घुस आए थे…’ (गलातियों 2:4) दुश्मन की सबसे पुरानी रणनीतियों में से एक धोखा देना है। वह अक्सर ऐसे विचार प्रस्तुत करता है जो देखने में हानिरहित लगते हैं, परंतु उनका उद्देश्य परमेश्वर और उसके वचन पर हमारे विश्वास को कमजोर करना होता है। […]
परमेश्वर के वचन से अपने मन का नवीनीकरण करें

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। (2 कुरिन्थियों 4:16) क्या आप जानते हैं कि आपका मन उन सबसे महान साधनों में से एक है जो परमेश्वर ने आपको दिए हैं? आपके जीवन की दिशा बहुत हद तक […]