विश्लेषण करें और उसकी इच्छा के अनुसार खुद को संरेखित करें!

छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा। (यशायाह 60:22) हम एक बार फिर ऐसे समय में हैं जब हम पीछे मुड़कर प्रभु की विश्वसनीयता और भलाई के लिए उसका धन्यवाद कर सकते हैं। […]
सत्यनिष्ठा की भूख विकसित करें

आशीषित हैं वे जो सत्यनिष्ठा के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएंगे। (मत्ती 5:6) जीवन में लोग बहुत चीज़ो का पीछा करते हैं। कुछ सफलता चाहते हैं, कुछ सुरक्षा, सम्मान या धन की खोज करते हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने सिखाया कि वास्तव में आशीषित वे हैं जो सत्यनिष्ठा के भूखे और […]
समर्पण की फलवन्तता

मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है। (यूहन्ना 12:24) परमेश्वर के राज्य के महान सिद्धांतों में से एक है समर्पण का सिद्धांत। प्रभु यीशु ने सिखाया कि किसी बीज […]
महान दर्शन से जुड़े रहें

जहां दर्शन की बात नहीं होती, वहां लोग निरंकुश हो जाते हैं, और जो व्यवस्था को मानता है वह धन्य होता है। (नीतिवचन 29:18) परमेश्वर ने आपको कभी भी बिना उद्देश्य के जीवन जीने के लिए नहीं बनाया। हर विश्वासी को व्यक्तिगत आराम और अस्थायी उपलब्धियों से कहीं बड़े उद्देश्य के लिए बुलाया गया है। […]
आप दिशा के बिना नहीं हैं

परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा। (यूहन्ना 16:13) विश्वासी के लिए जीवन कोई रहस्य नहीं होना चाहिए। परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आप भ्रम, अनिश्चितता या बिना दिशा के जीवन बिताएँ। इसलिए उसने आपको पवित्र आत्मा दिया है—ताकि वह आपका मार्गदर्शन करे, आपको सिखाए और […]
वह जीवन जिएं जो उसने आपके लिए बनाया है

हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों मे उन्नति करे, और भला चंगा रहे। (3 यूहन्ना 1:2) परमेश्वर की इच्छा आपके जीवन के लिए संघर्ष, हार या केवल किसी तरह से जीते रहने का जीवन नही है। उसका वचन स्पष्ट रूप से प्रकट […]
ऐसे ही समय के लिए

फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो? (एस्तेर 4:14) आपके जीवन का हर मौसम एक ज़िम्मेदारी लेकर आता है। एस्तेर महल में संयोग से नहीं रखी गई थी—परमेश्वर ने उसे सही समय पर एक उद्देश्य के लिए स्थापित किया था। उसी तरह, आज आप जहाँ हैं, वह भी […]
सही सोचें, सही जीवन जिएँ

क्योंकि जैसा वह अपने मन में सोचता है, वैसा ही वह होता है… (नीतिवचन 23:7) आपका जीवन हमेशा आपकी सोच की दिशा में आगे बढ़ता है। इसलिए अपने विचारों को परखना बहुत ज़रूरी है। हर विचार जो मन में आता है, सही नहीं होता, और हर विचार परमेश्वर की ओर से नहीं होता। कई बार […]
राज्य पर प्रभाव डालने के लिए उठे

उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। (यशायाह 60:1) जैसे ही आप इस वर्ष को प्रार्थना और उपवास के साथ समाप्त करते हैं और नए वर्ष में प्रवेश करने की तैयारी करते हैं, यह अत्यंत आवश्यक है कि आप जानबूझकर यह निर्णय लें कि […]
उपवास और प्रार्थना

जैसे वह प्रभु की अराधना और सेवा कर रहे थे, उपवास के साथ, पवित्र आत्मा ने कहा… (प्रेरितों के कार्य 13:2) जैसे की इस साल के परदे गिर रहे हैं, हर साल की तरह ही हम, अम्बस्सडोर्स ऑफ़ जायन, एक साथ वर्ष के अंत के इन दिनों का उपवास कर रहे हैं। इसलिए आज मैं […]