स्थायी इच्छा की सामर्थ

यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। (यूहन्ना 15:7) इच्छा विश्वास का जन्मस्थान है। जो आप वास्तव में चाहते हैं वही आपके विश्वास की दिशा बनती है। परन्तु इच्छा को मसीह में बने रहने और उसके वचन को आप […]
परमेश्वर के प्रति आपकी चेतना: वह जो आपको सही प्रेरणा देता है
परन्तु मनुष्य में आत्मा तो है ही, और सर्वशक्तिमान अपनी दी हुई सांस से उन्हें समझने की शक्ति देता है। (अय्यूब 32:8) पृथ्वी पर घटित होने वाले सबसे महान चमत्कारों में से एक है मनुष्य के हृदय का परिवर्तन। फिर भी, बहुत से लोग यह नहीं जानते कि परमेश्वर ही वह है जो यह चमत्कार […]
खुद को चुनौती देना
इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। तब तुम परमेश्वर- की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहोगे। (रोमियों 12:2 NIV) मसीह लोगों को अपने विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए लगातार स्वयं, को चुनौती देने की […]
उसकी आवाज़ सुनने की तीव्र इच्छा रखें: भाग 2
जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो (लूका 6:46) परमेश्वर की आवाज़ सुनने की तीव्र इच्छा विकसित करने की दिशा में एक प्रमुख कदम है आज्ञाकारिता। परमेश्वर उनसे बात करता है जो सुनने और उस पर अमल करने की परवाह करते हैं। परमेश्वर की आवाज़ पर आपके […]
आपको बस परमेश्वर की आवाज़ ज़रूरत है
मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं (यूहन्ना 10:27)। मसीहत कोई धर्म नहीं है; यह एकमात्र सच्चे परमेश्वर के साथ एक जीवित रिश्ता है। यह एक विश्वास व्यवस्था से कहीं अधिक है – यह स्वर्गीय पिता, सभी चीज़ों के सृष्टिकर्ता, के साथ पुत्रत्व है। जब […]
सफलता का सबसे बड़ा आत्मिक रहस्य
परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। (यूहन्ना 16:13 KJV) मसीह में, आप पवित्र आत्मा से भरे गये हैं। परमेश्वर की आत्मा के बारे में एक सुन्दर बात यह […]