आपका हृदय कहाँ लगा है?

क्योंकि जहां तेरा ख़ज़ाना है वहां तेरा हृदय भी लगा रहेगा। (मत्ती 6:21) आपसे बेहतर कोई नहीं जानता कि वास्तव में आपके हृदय में क्या है। यह वह नहीं है जो आप सार्वजनिक रूप से कहते हैं। वह नहीं जो सुनने में आत्मिक लगता है। वास्तव में आपको क्या प्रेरित करता है? प्रभु यीशु ने […]
चिंता करने से इनकार करें

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं (फिलिप्पियों 4:6)। चिंता विश्वास से ध्यान हटाने का एक साधन है और शत्रु की एक सूक्ष्म चाल है, जिसका उद्देश्य परमेश्वर की पर्याप्तता से आपका ध्यान भटकाना […]
बिना दबाव के विश्वास को दृढ़ करना

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। (भजन संहिता 46:10) विश्वास और दबाव एक साथ नहीं रह सकते। सच्चा विश्वास परमेश्वर के वचन के आश्वासन पर आधारित होता है, न कि मानव प्रयास या चिंता पर। जब आप पूरी तरह से परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो आप अपने बल से […]
चिंता करने से इनकार करें

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएं।तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी (फिलिप्पियों 4:6-7)। चिंता, विश्वास और आनंद की […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]
जादू-टोने के खिलाफ खड़े होना

और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। (इफिसियों 5:18) आत्मा में भरा होना आवश्यक है – विशेषकर जब आत्मिक रूप से सतर्क रहने और जादू-टोने जैसे शैतानी प्रभावों का विरोध करने की बात आती है। शत्रु अक्सर डर, छल, भ्रम और धोखे के माध्यम […]
परमेश्वर की आवाज़ और आपकी आज्ञाकारिता
यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपने कुटुम्ब, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जिसे मैं तुझे दिखाऊंगा। (उत्पत्ति 12:1) जब परमेश्वर की आवाज़ आपके पास आती है, तो उसमें हमेशा कोई ऐसा आदेश या निर्देश नहीं होता जिसे लागू करना आसान हो। कई बार, यह कठिन […]
मूसा के जीवन से सबक
मूसा तो उसके सारे घर में सेवक की नाईं विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे। (इब्रानियों 3:5) मूसा को 80 वर्ष की आयु में मिस्र के फिरौन के हाथों से इस्राएल को छुड़ाने के लिए परमेश्वर ने बुलाया था। एक ऐसी उम्र जिसे कई लोग अपने […]
गिदोन के जीवन से सबक।
उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है। (न्यायियों 6:12) गिदोन इस्राएल में एक न्यायाधीश और पराक्रमी योद्धा था। वह मनश्शे जनजाति के एक गरीब परिवार में सबसे छोटा था। परमेश्वर ने उसे मिद्यानियों के अत्याचार से इस्राएल को छुड़ाने के लिए बुलाया। परमेश्वर ने इस्राएल को पड़ोसी […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ
तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]