परमेश्वर की योजना का अनुसरण करें

यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा…” (भजन संहिता 127:1) उद्देश्य होना महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल उद्देश्य होना ही पर्याप्त नहीं है—आपको परमेश्वर की योजना का अनुसरण भी करना चाहिए। यह संभव है कि कोई यह जानता हो कि परमेश्वर ने उसे बुलाया है, फिर भी बेसब्री, अपनी […]
कमी से इनकार करे

और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा। (फिलिप्पियों 4:19) बहुत से लोग लगातार कमी, सीमाओं और अपर्याप्तता के बारे में सोचते रहते हैं, और बिना जाने ही अपने मन को गरीबी की ओर ढाल लेते हैं। लेकिन परमेश्वर ने […]
पवित्र आत्मा के साथ संरेखण

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे…” (यशायाह 40:31) एक विश्वासी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है पवित्र आत्मा के साथ संरेखण में रहना। बहुत से लोग प्राकृतिक विचारों, चिंताओं और दबावों में उलझ जाते हैं, लेकिन परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आप डर […]
संघर्ष करने से इंकार करें

क्योंकि जिस ने उसके विश्राम में प्रवेश किया है, उस ने भी परमेश्वर की नाईं अपने कामों को पूरा करके विश्राम किया है (इब्रानियों 4:10)। परमेश्वर की संतान होने के नाते, आप आशीषित है, और परमेश्वर की आत्मा आपके भीतर वास करती है। आपको तनाव, दबाव और संघर्ष से भरा जीवन जीने के लिए नहीं […]
आपका हृदय कहाँ लगा है?

क्योंकि जहां तेरा ख़ज़ाना है वहां तेरा हृदय भी लगा रहेगा। (मत्ती 6:21) आपसे बेहतर कोई नहीं जानता कि वास्तव में आपके हृदय में क्या है। यह वह नहीं है जो आप सार्वजनिक रूप से कहते हैं। वह नहीं जो सुनने में आत्मिक लगता है। वास्तव में आपको क्या प्रेरित करता है? प्रभु यीशु ने […]
चिंता करने से इनकार करें

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं (फिलिप्पियों 4:6)। चिंता विश्वास से ध्यान हटाने का एक साधन है और शत्रु की एक सूक्ष्म चाल है, जिसका उद्देश्य परमेश्वर की पर्याप्तता से आपका ध्यान भटकाना […]
बिना दबाव के विश्वास को दृढ़ करना

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। (भजन संहिता 46:10) विश्वास और दबाव एक साथ नहीं रह सकते। सच्चा विश्वास परमेश्वर के वचन के आश्वासन पर आधारित होता है, न कि मानव प्रयास या चिंता पर। जब आप पूरी तरह से परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो आप अपने बल से […]
चिंता करने से इनकार करें

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएं।तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी (फिलिप्पियों 4:6-7)। चिंता, विश्वास और आनंद की […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]
जादू-टोने के खिलाफ खड़े होना

और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। (इफिसियों 5:18) आत्मा में भरा होना आवश्यक है – विशेषकर जब आत्मिक रूप से सतर्क रहने और जादू-टोने जैसे शैतानी प्रभावों का विरोध करने की बात आती है। शत्रु अक्सर डर, छल, भ्रम और धोखे के माध्यम […]