सुसमाचार को हर दिन जीना

हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। (2 कुरिन्थियों 3:2) सुसमाचार केवल एक संदेश नहीं है जिसे हम प्रचार करते हैं; यह एक ऐसा जीवन है जिसे हम जीते हैं। हर दिन लोग हमारे व्यवहार, हमारे कार्यों और हमारी प्रतिक्रियाओं को देखते […]
अनुशासन के लाभ

…दुसरे हाथ पर, खुद को अनुशासित करो इश्वरियता के उद्देश्य से (1 तीमुथियुस 4:7 एन ऐ एस बी ) अनुशासन आपको बड़ी उपलब्धियाँ बहुत कम प्रयासों में हासिल करने में मदद करता है। अनुशासन का मतलब है खुद को बांधना और विवश करना निर्धारित सिद्धांतों और तरीकों पर चलने के लिए और हर एक इच्छा […]
परमेश्वर ने जो कहा, उस पर केंद्रित रहें

इसलिये तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार करने में चौकसी करना; न तो दाहिने मुड़ना और न बांए। (व्यवस्थाविवरण 5:32) राज्य में सफलता की सबसे शक्तिशाली चाबीयों में से एक बहुत सरल है—परमेश्वर ने जो कहा है, उसी पर बने रहें। बहुत से लोग अच्छी शुरुआत करते हैं, लेकिन ध्यान भटकाने वाली बातें […]
एक महिमामय समापन के लिए दृढ़ निश्चय!

मैं मसीह के द्वारा सब कुछ कर सकता हूँ जो मुझे सामर्थ देता है। (फिलिप्पियों 4:13) परमेश्वर की संतान होने के नाते आपको अपने आप से यह प्रश्न अवश्य पूछना चाहिए: क्या आप जो शुरू करते हैं उसे पूरा भी करते हैं? या क्या आप लगातार नई-नई चीज़ें शुरू करते रहते हैं, बिना पुरानी चीज़ों […]
अब और देरी नहीं

यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है। (2 कुरिन्थियों 3:5) एक चीज़ जो चुपचाप बहुत से लोगों को सीमित कर देती है—वह है टालना और विलंभ करना। यह अक्सर अपने आप को “सही समय […]
बहाने बनाना छोड़ें

इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। (1 पतरस 2:9) बहाने सूक्ष्म होते हैं, लेकिन वे बहुत महंगे पड़ते हैं। जब तक आप बहानों को जगह देते रहेंगे, उत्कृष्टता आपसे दूर ही रहेगी। आप महिमा से भरा जीवन नहीं जी सकते, जब आप साधारणता […]
समय बर्बाद करने से इनकार करें

इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं (इफिसियों 5:15–16)। समय उन सबसे मूल्यवान संसाधनों में से एक है जो परमेश्वर ने आपको सौंपा है, और आप समय का उपयोग कैसे करते हैं, यह तय करता […]
टारगेट निर्धारित करना

निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। (फिलिप्पियों 3:14) परमेश्वर के राज्य में प्रगति अभिप्राय होती है। विश्वास तब फलता-फूलता है जब उसे दिशा दी जाती है। इसलिए, टारगेट के बिना एक विश्वासी भटक जाता है, लेकिन टारगेट के […]
अनुशासन के लाभ

…दुसरे हाथ पर, खुद को अनुशासित करो इश्वरियता के उद्देश्य से (1 तीमुथियुस 4:7 एन ऐ एस बी ) अनुशासन आपको बड़ी उपलब्धियाँ बहुत कम प्रयासों में हासिल करने में मदद करता है। अनुशासन का मतलब है खुद को बांधना और विवश करना निर्धारित सिद्धांतों और तरीकों पर चलने के लिए और हर एक इच्छा […]
निरंतरता की सामर्थ

धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा (गलातियों 6:7)। परमेश्वर के राज्य में सफलता के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है निरंतरता। कई विश्वासी अच्छी शुरुआत करते हैं, लेकिन केवल कुछ ही परिणाम प्रकट होने तक ही दृढ़ता से बने रहते हैं। निरंतरता का […]