यीशु मसीह के सुसमाचार का प्रचार वैकल्पिक नहीं है!
क्योंकि यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मुझे कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय! (1 कुरिन्थियों 9:16) मसीही होने के नाते हम सभी को यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के माध्यम से परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह का प्रसार करने के […]
ज़रूरत के समय अपने विश्वास को न निचोड़े— इसे मज़बूत बनाएँ

तब प्रेरितों ने प्रभु से कहा, हमारा विश्वास बढ़ा। (लूका 17:5) जब आप प्रभु के साथ अपनी आत्मिक यात्रा में चलते हैं, तो यह समझना आवश्यक है कि विश्वास कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आपको मांगना पड़े—यह आपको पहले ही वचन के माध्यम से दिया जा चुका है। बाइबल घोषणा करती है, “सो विश्वास […]
परमेश्वर: वह जो अपने वचन पर अटल रहता है

आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी। (मत्ती 24:35) क्या यह सुंदर नहीं है कि हम ऐसे परमेश्वर की सेवा करते हैं जो अपने वचन पर अडिग रहता है? उसका वचन अटल, अनन्त और विश्वसनीय है। यह केवल मार्गदर्शन या नैतिक सत्यों का संग्रह नहीं है—यह खुद परमेश्वर हैं जो हमसे […]
विश्वास का आपका दृष्टिकोण
परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]