साधारणता के साथ पवित्र असंतोष विकसित करें

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। (रोमियों 12:2) परमेश्वर ने आपको सिर्फ़ जीने के लिए नहीं बनाया है। उसने आपको बढ़ने, उत्कृष्ट बनने और वह […]
विश्वास को विकसित करें

सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है। (रोमियों 10:17) परमेश्वर की हर संतान को विश्वास दिया गया है। बाइबल सिखाती है कि परमेश्वर ने हर विश्वासी को विश्वास का एक माप दिया है। इसका अर्थ है कि कोई भी मसीही अपनी आत्मिक यात्रा खाली हाथ शुरू नहीं करता। हालाँकि, विश्वास […]
वह जीवन जिएं जो उसने आपके लिए बनाया है

हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों मे उन्नति करे, और भला चंगा रहे। (3 यूहन्ना 1:2) परमेश्वर की इच्छा आपके जीवन के लिए संघर्ष, हार या केवल किसी तरह से जीते रहने का जीवन नही है। उसका वचन स्पष्ट रूप से प्रकट […]
अंदर से बाहर की ओर जीवन जिए

परन्तु मनुष्य में आत्मा तो है ही, और सर्वशक्तिमान अपनी दी हुई सांस से उन्हें समझने की शक्ति देता है। (अय्यूब 32:8) जैसे की एक और वर्ष समाप्त हो रहा है, हम में से बहुत से लोग सच में प्रगति, और बढ़ोतरी की गवाही दे सकते हैं। हालाँकि, यह अनुभव सभी का नहीं है। कुछ […]
प्रभु के राज्य का जीवन
उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। (कुलुस्सियों 1:13) मसीह में हमें प्रभु के राज्य के जीवन में बुलाया गया है, एक ऐसा जीवन जहाँ हर दिन चमत्कार और अलौकिकता का अंतहीन प्रवाह होता है। जब यीशु पृथ्वी पर था, तो उसने राज्य का जीवन जिया। […]