परमेश्वर के वचन को विकसित करें

जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।(मत्ती 13:23) हर विश्वासी फलवन्त होना चाहता है, परन्तु फलवन्तता अपने-आप नहीं आती। बोने वाले के दृष्टान्त में प्रभु यीशु ने प्रकट किया कि भूमि की स्थिति ही […]
समर्पण की फलवन्तता

मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है। (यूहन्ना 12:24) परमेश्वर के राज्य के महान सिद्धांतों में से एक है समर्पण का सिद्धांत। प्रभु यीशु ने सिखाया कि किसी बीज […]
परमेश्वर की योजना का अनुसरण करें

यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा…” (भजन संहिता 127:1) उद्देश्य होना महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल उद्देश्य होना ही पर्याप्त नहीं है—आपको परमेश्वर की योजना का अनुसरण भी करना चाहिए। यह संभव है कि कोई यह जानता हो कि परमेश्वर ने उसे बुलाया है, फिर भी बेसब्री, अपनी […]
स्थिरता और समृद्धि!

अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे। (2 इतिहास 20:20) परमेश्वर ने आपकी स्थिरता और समृद्धि के लिए एक व्यवस्था निर्धारित की है – उस पर विश्वास और उसके अभिषिक्त और नियुक्त लोगों के प्रति आदर। जब आप प्रभु के वचन पर […]
परमेश्वर की आवाज़ सुनना

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। (यूहन्ना 10:27) परमेश्वर को सुनना सीखना एक विश्वासी के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। आपके अंदर उसकी आत्मा निरंतर मार्गदर्शन करती है, निर्देश देती है, और दिव्य दिशा प्रकट करती है। प्रार्थना और उसके वचन पर मनन […]
अपने जीवन को परमेश्वर के वचन पर बनाइए

इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चट्टान पर बनाया। और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चट्टान पर डाली गई थी(मत्ती 7:24-25)। परमेश्वर के […]