परमेश्वर का वचन आपकी जीवन रेखा है

और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी करके मीरास दे सकता है। (प्रेरितों के काम 20:32) मसीह में, हम परमेश्वर के वचन से जन्मे हैं, और वह वचन हमारी आत्मा का पोषण और हमारे जीवन का […]
वह आपके प्रेम के श्रम को याद रखता है

क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर भी रहे हो। ( इब्रानियों 6:10) परमेश्वर मनुष्य नहीं है जो यह भूल जाये कि आपने उसके लिए क्या किया है। यह एक […]
खुद को चुनौती देना
इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। तब तुम परमेश्वर- की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहोगे। (रोमियों 12:2 NIV) मसीह लोगों को अपने विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए लगातार स्वयं, को चुनौती देने की […]