मूसा के जीवन से सबक

मूसा तो उसके सारे घर में सेवक की नाईं विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे। (इब्रानियों 3:5) मूसा को 80 वर्ष की आयु में मिस्र के फिरौन के हाथों से इस्राएल को छुड़ाने के लिए परमेश्वर ने बुलाया था। एक ऐसी उम्र जिसे कई लोग अपने […]

गिदोन के जीवन से सबक।

उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है। (न्यायियों 6:12) गिदोन इस्राएल में एक न्यायाधीश और पराक्रमी योद्धा था। वह मनश्शे जनजाति के एक गरीब परिवार में सबसे छोटा था। परमेश्वर ने उसे मिद्यानियों के अत्याचार से इस्राएल को छुड़ाने के लिए बुलाया। परमेश्वर ने इस्राएल को पड़ोसी […]

एलिय्याह के जीवन से सबक

एलिय्याह (एलिजा) भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा। फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥ (याकूब 5:17-18) एलिय्याह परमेश्वर का भविष्यवक्ता था। वह परमेश्‍वर का […]

अब्राहम के जीवन से सबक।

और पवित्र शास्त्र का यह वचन पूरा हुआ, कि अब्राहम ने परमेश्वर की प्रतीति की, और यह उसके लिये सत्यनिष्ठा गिना गया, और वह परमेश्वर का मित्र कहलाया। (याकूब 2:23) अब्राहम और परमेश्वर के प्रति उसका विश्वास अनुकरणीय है। वह एक ऐसा व्यक्ति था जो परमेश्वर की हर आज्ञा को “हाँ” कहता था। यह उसके […]

दाऊद के जीवन से सबक

फिर उसे अलग करके दाऊद को उन का राजा बनाया; जिस के विषय में उस ने गवाही दी, कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्छा पूरी करेगा। (प्रेरितों के काम 13:22) जब परमेश्वर ने दाऊद को इस्राएल का राजा चुना, वह सिर्फ एक […]

विश्वास का आपका दृष्टिकोण

परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]

उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान के माध्यम से हमारे पास संगति है।

परमेश्वर विश्वासयोग्य है, जिसके द्वारा तुम्हें उसके पुत्र, हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया गया है॥ (1 कुरिन्थियों 1:9) यीशु मसीह सिर्फ़ आपके जीवन का प्रभु नहीं है, बल्कि वह है जिसमें आपने समृद्ध और गहरी संगति पाई है। यह वही है जो परमेश्वर हमेशा से एक मनुष्य के साथ चाहता था: संगति! […]

अशिषित पाम सन्डे

तब वे खजूर की डालियाँ लेकर उससे भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, “होशाना! धन्य है वह, जो प्रभु के नाम से आता है, अर्थात् इस्राएल का राजा!” (यूहन्ना 12:13) पाम सन्डे वह दिन है जो यीशु के यरूशलेम में विजई आगमन को अंकित करता है, जहां सब ने उसका पाम के पत्तो के […]

अपनी क्षमता को बढ़ाएँ

इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर भरोसा न रखें, परन्तु जीवते परमेश्वर पर भरोसा रखें, जो हमें सब कुछ बहुतायत से देता है। (1 तीमुथियुस 6:7) दुनिया के लिए क्षमता बढ़ाने का मतलब है, धन इकट्ठा करना और उसको जमा करके रखना। लेकिन बाइबल यह […]

पवित्र आत्मा: हमारा सलाहकार

और मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक (मददगार, वकील, मध्यस्थ-सलाहकार शक्ति देने वाला, समर्थन करने वाला ) देगा, जो सदैव तुम्हारे साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16) सलाहकार वह व्यक्ति होता है जो आपको तब सलाह देता है या समाधान के लिए मार्गदर्शित करता है जब आप किसी उलझन में होते हैं […]