विश्वास का आपका दृष्टिकोण

परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]

उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान के माध्यम से हमारे पास संगति है।

परमेश्वर विश्वासयोग्य है, जिसके द्वारा तुम्हें उसके पुत्र, हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया गया है॥ (1 कुरिन्थियों 1:9) यीशु मसीह सिर्फ़ आपके जीवन का प्रभु नहीं है, बल्कि वह है जिसमें आपने समृद्ध और गहरी संगति पाई है। यह वही है जो परमेश्वर हमेशा से एक मनुष्य के साथ चाहता था: संगति! […]

अशिषित पाम सन्डे

तब वे खजूर की डालियाँ लेकर उससे भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, “होशाना! धन्य है वह, जो प्रभु के नाम से आता है, अर्थात् इस्राएल का राजा!” (यूहन्ना 12:13) पाम सन्डे वह दिन है जो यीशु के यरूशलेम में विजई आगमन को अंकित करता है, जहां सब ने उसका पाम के पत्तो के […]

अपनी क्षमता को बढ़ाएँ

इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर भरोसा न रखें, परन्तु जीवते परमेश्वर पर भरोसा रखें, जो हमें सब कुछ बहुतायत से देता है। (1 तीमुथियुस 6:7) दुनिया के लिए क्षमता बढ़ाने का मतलब है, धन इकट्ठा करना और उसको जमा करके रखना। लेकिन बाइबल यह […]

पवित्र आत्मा: हमारा सलाहकार

और मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक (मददगार, वकील, मध्यस्थ-सलाहकार शक्ति देने वाला, समर्थन करने वाला ) देगा, जो सदैव तुम्हारे साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16) सलाहकार वह व्यक्ति होता है जो आपको तब सलाह देता है या समाधान के लिए मार्गदर्शित करता है जब आप किसी उलझन में होते हैं […]

पवित्र आत्मा: हमारा मध्यस्थकर्ता

और मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक (मददगार, वकील, मध्यस्थ-सलाहकार, शक्ति देने वाला, समर्थन करने वाला ) देगा, जो सदैव तुम्हारे साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16 amp) कई बार ऐसा होता है कि हमारे पास किसी परिस्थिति के बारे में पर्याप्त विवरण या जानकारी नहीं होती जिसके लिए हम प्रार्थना करना […]