उसके दृष्टिकोण को अपना बना लें

उसने हर चीज़ को अपने-अपने समय पर सुंदर बनाया है। उसने मनुष्य के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान भी रखा है; फिर भी कोई भी समझ नहीं सकता कि परमेश्वर ने आरम्भ से अन्त तक क्या किया है। (सभोपदेशक 3:11) परमेश्वर ने हमारे हृदय में अनन्ता का ज्ञान डाला है। हर वस्तु जिसकी हम […]
भावना मायने नहीं रखती!
तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। (नीतिवचन 3:5) कई मसीह लोग परमेश्वर की उपस्थिति को परिभाषित करने के लिए अपनी भावनाओं पर निर्भर रहते हैं। जबकि, सच तो यह है कि भावनाएं भरोसेमंद नहीं होतीं। भावनाएँ पूरी तरह से मानवीय अनुभव पर, आधारित मानवीय सोच का […]