वहां के बीमारों को चंगा करो: और उन से कहो, कि परमेश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ पहुंचा है। (लुका 10:9)
परमेश्वर का राज्य कोई जगह नही है; यह परमेश्वर का राजत्व है जहाँ वह अपनी प्रभुता को इस्तेमाल करता है और अपनी महिमा और अच्छाई को दर्शाता है| यह कोई शारिरिक राज्य नही है परन्तु आत्मिक राज्य है, यही कारण है कि प्रभु यीशु ने लोगों को इसे इधर उधर ढूंढने से मना किया था: “जब फरीसियों ने उस से पूछा, कि परमेश्वर का राज्य कब आएगा? तो उस ने उन को उत्तर दिया, कि परमेश्वर का राज्य प्रगट रूप से नहीं आता। और लोग यह न कहेंगे, कि देखो, यहां है, या वहां है, क्योंकि देखो, परमेश्वर का राज्य तुम्हारे बीच में है॥“ (लुका 17:20-21)
परमेश्वर की योजना यह है कि वह उसका राज्य मनुष्य के हृदय में स्थापित करे| यह अब्राहम, मूसा, एलियाह,या दाउद के दिनों में संभव नही था| परन्तु अब, मसीह यीशु में, यह संभव है, यह हर उस व्यक्ति के लिए संभव है जो उसके नाम में विश्वास करता है-जीवन, उसकी उपस्थिति, सुन्दरता और परमेश्वर की महिमा अपने हृदय में ग्रहण करने के लिए| यह अब संभव है कि परमेश्वर आपके हृदय में अपना घर बनाये और आपके अन्दर अपने मुख्यालय सेट करे! यह कितनी बड़ी आशीष है!
प्रार्थना:
प्रिय पिता, धन्यवाद मेरे लिए आपका राज्य अपने हृदय में पाना संभव बनाने के लिए| धन्यवाद अपना मुख्यालय मुझ में स्थापित करने के लिए| मैं इस दुनिया के लिए आपका पॉइंट ऑफ़ कांटेक्ट बनाये जाने के द्वारा सम्मानित हूँ, यीशु के नाम में| आमीन