मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया (गलातियों 2:20)।

प्रभु यीशु अनिश्चित होकर क्रूस पर नहीं गया—वह विश्वास के साथ गया। उसने इस पर विश्वास किया की उसकी कुर्बानी आपके जीवन में क्या उत्पन्न करेगी। आपके जन्म से पहले ही, आपके उत्तर देने से पहले ही, उसने आपको देखा, आपसे प्रेम किया, और आपके जीवन के लिए परमेश्वर के साथ एक होने का विश्वास किया।

उसका विश्वास केवल परमेश्वर की योजना में ही नहीं था—उसमें आप भी शामिल थे। वह जानता था कि उसकी आज्ञाकारिता के द्वारा, आप एक महिमामय जीवन में लाए जाएंगे, जहाँ आप पिता के साथ उसके रिश्ते में सहभागी होंगे। इसका अर्थ है कि आपका जीवन कोई संयोग नही है; यह प्रभु यीशु के विश्वास, प्रेम और आपके लिए अपने आप को देने का परिणाम है।

अब जब आप उसमे है, तो आप अपनी सीमित क्षमता से नहीं जीते। जैसा कि वचन दिखाता है, आप परमेश्वर के पुत्र के विश्वास से जीते है—अर्थात उसका विश्वास आप में कार्य कर रहा है। जब आप कमजोर, अनिश्चित या अयोग्य महसूस करते है, तो याद रखें कि प्रभु यीशु पहले ही आपकी विजय, आपकी बढ़ोतरी और आपके उद्देश्य के लिए विश्वास कर चूका है।

आप अपने आप को सिद्ध करने की कोशिश नहीं कर रहे—आप उस सत्य से जी रहे है जो उसने पहले ही आपके बारे में विश्वास किया है। उसी आत्मविश्वास के साथ चलें। यीशु आप में विश्वास रखता है।

घोषणा:
प्रिय स्वर्गीय पिता, मैं यह घोषित करता हूँ कि मैं परमेश्वर के पुत्र के विश्वास से जीता हूँ, जिसने मुझसे प्रेम किया और मेरे लिए स्वयं को दे दिया। मैं स्वीकार करता हूँ कि प्रभु यीशु ने मेरे जीवन के लिए विश्वास किया, और मैं आज उसी आत्मविश्वास से चलता हूँ। मैं संदेह, सीमाओं और असुरक्षा को अस्वीकार करता हूँ, और मैं उसमे अपनी पहचान की सच्चाई में निडर होकर जीता हूँ। मैं घोषणा करता हूँ कि उसका विश्वास मुझ में कार्य करता है, और मैं विजय, उद्देश्य और उसके साथ एकता में चलता हूँ। यीशु के नाम में, आमीन।

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