इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चट्टान पर बनाया (मत्ती 7:24)।
प्रभु यीशु ही वह एकमात्र है जिस पर आप पूरी तरह भरोसा और निर्भर कर सकते है। वह केवल एक शिक्षक या मार्गदर्शक नही है—वह देह में प्रकट हुआ परमेश्वर है, अटल, विश्वसनीय और सत्य। जब वह बोलता है, तो उसका वचन अधिकार और सच्चाई से भरा होता है जो कभी असफल नहीं होता।
प्रभु यीशु स्वयं को नींव—चट्टान—के रूप में बताता है। जो कोई उस पर विश्वास करता है और अपने जीवन को उसके वचन पर बनाता है, वह उस व्यक्ति के समान है जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया। तूफ़ान आ सकते हैं, हवाएँ चल सकती हैं, और चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं; लेकिन घर अपनी नींव के कारण मज़बूती से खड़ा रहता है। उसी तरह, जब आपका जीवन यीशु पर आधारित होता है, तो परिस्थितियाँ आपको हिला नही सकती।
लोग, सिस्टम और परिस्थितियाँ बदल सकती हैं, लेकिन प्रभु यीशु स्थिर रहता है। वह असफल नही होता, वह कभी नहीं बदलता, और वह कभी नहीं त्यागता। जैसा कि पवित्रशास्त्र दिखाता है, वह कल, आज और युगानुयुग एक समान है(इब्रानियों 13:8)। यही उसे आपके जीवन के लिए एकमात्र सुरक्षित आधार बनाता है।
उस पर भरोसा करे। उस पर निर्भर रहे। अपना जीवन उस पर बनाएँ। जब आप यीशु पर खड़े होते है, तो कोई भी चीज़ आपको वास्तव में नुकसान नहीं पहुँचा सकती ना ही हिला नहीं सकती है।
घोषणा:
प्रिय स्वर्गीय पिता, मैं यह घोषणा करता हूँ कि प्रभु यीशु मेरी चट्टान और मेरी नींव है। मैं उस पर पूरा भरोसा करता हूँ और पूरी तरह उस पर निर्भर रहता हूँ। मैं बदलती हुई परिस्थितियों से प्रभावित होने से इंकार करता हूँ, और उसके वचन पर दृढ़ खड़ा रहता हूँ। मैं घोषणा करता हूँ कि मेरा जीवन स्थापित, स्थिर और अडिग है क्योंकि यह यीशु पर बना है। हल्लेलुयाह!