परमेश्वर की सामर्थ को प्राप्त करने के लिए खुद को उत्तेजित करें

कोई भी तुझ से प्रार्थना नहीं करता, न कोई तुझ से सहायता लेने के लिये चौकसी करता है कि तुझ से लिपटा रहे; क्योंकि हमारे अधर्म के कामों के कारण तू ने हम से अपना मुंह छिपा लिया है, और हमें हमारी बुराइयों के वश में छोड़ दिया है। (यशायाह 64:7) पुराने नियम में, भविष्यद्वक्ता […]
पुनर्निर्मित मानव आत्मा की छिपी सामर्थ

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। (इफिसियों 2:10) अब जबकि आप विश्वासी हैं, आपको यह समझना चाहिए कि परमेश्वर ने न केवल आपको अपनी आत्मा से भर दिया है, बल्कि अपनी सामर्थ भी […]
मसीह में उच्चतर जीवन जीना

क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। (प्रेरितों के काम 17:28) जब हम वचन के साथ संगति के इन बीते दिनों पर विचार करते हैं, तो एक बात स्पष्ट रूप से सामने आती है: […]
मसीह की संपूर्णता में चलने को अपनाएँ

जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं। (इफिसियों 4:13) सीक्रेट ऑफ़ सक्सेस में पिछले कुछ दिनों में लिखे गए आर्टिकल में, परमेश्वर की आत्मा ने हमें […]
परमेश्वर का राज्य आपके हृदय में!

वहां के बीमारों को चंगा करो: और उन से कहो, कि परमेश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ पहुंचा है। (लुका 10:9) परमेश्वर का राज्य कोई जगह नही है; यह परमेश्वर का राजत्व है जहाँ वह अपनी प्रभुता को इस्तेमाल करता है और अपनी महिमा और अच्छाई को दर्शाता है| यह कोई शारिरिक राज्य नही है […]
उसके साथ एक!

मैं केवल इन्हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ने […]
आपको सिर्फ उसके वजूद के ज्ञान को पाना है

कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। ( […]
यह एक सौभाग्य है

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है (रोमियों 1:16)। आज जो हम सुसमाचार सुनाने वाले लोग हैं यह सम्मान और सौभाग्य की बात है। यह जानना कि, यीशु मसीह ने इसे शुरू […]
इसमें कोई दो राय नहीं है!

क्या मैं अब मनुष्यों स्वीकृति पाने की कोशिश कर रहा हूँ, या परमेश्वर की? या मैं लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा हूँ? अगर मैं अभी भी लोगों को खुश करने की कोशिश कर रहा होता, तो मैं मसीह का सेवक नहीं होता। (गलातियों 1:10 NIV) क्या आपने कभी खुद को ऐसी परिस्थिति […]
अपने अधिकार का अभ्यास करें!

और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। (इफिसियों 2: 6) हमारे मुख्य पद में परमेश्वर के अधिकार के बारे में बात हो रही है जो हमारे पास निहित है। हम वो लोग हैं जो पूरे विश्व के उत्तराधिकारी हैं। जब तक हम इस अधिकार का इस्तेमाल नहीं करते […]