पवित्र आत्मा: हमारा मध्यस्थकर्ता
और मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक (मददगार, वकील, मध्यस्थ-सलाहकार, शक्ति देने वाला, समर्थन करने वाला ) देगा, जो सदैव तुम्हारे साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16 amp) कई बार ऐसा होता है कि हमारे पास किसी परिस्थिति के बारे में पर्याप्त विवरण या जानकारी नहीं होती जिसके लिए हम प्रार्थना करना […]
पवित्र आत्मा: हमारा मददगार है।
और मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक (मददगार , वकील, मध्यस्थ-सलाहकार, शक्ति देने वाला, समर्थन करने वाला ) देगा, जो सदैव तुम्हारे साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16 AMP ) पवित्र आत्मा हमारा सहायक है। वह हम में परमेश्वर है। वह हमारे लिए सदैव उपस्थित रहने वाला मददगार है (भजन संहिता 46:1)। […]
पवित्र आत्मा: आपके लिए परमेश्वर का उपहार है |
और मैं पिता से प्रार्थना करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। (यूहन्ना 14:16) पवित्र आत्मा आपके लिए परमेश्वर का उपहार है। आपके जीवन में उसकी मिनिस्ट्री ही परमेश्वर और उसके राज्य को आपके लिए वास्तविक बनाती है। हमारे मुख्य वर्स में मास्टर येशु ने उसे एक और […]
उसके वचन का अन्दर आना!
तेरे वचन के अंदर आने से प्रकाश होता है; उससे भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। ( भजन संहिता 119:130) कुछ लोग सोचते हैं अगर उनके पास बाइबिल है तो उनके पास वचन है और उतना ही काफी है| कुछ लोग बाइबिल को अपने तकिये के नीचे रख कर सोते भी हैं, जैसे मानो हर […]
अपनी गवाही के वचन से उस पर जयवंत पाइए!
और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवंत हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। (प्रकाशित वाक्य 12:11) एक छल जिसका इस्तेमाल शैतान करता है परमेश्वर के संतानों के विरुद्ध, ताकि वह उन्हें परमेश्वर के आशीषों से […]
सदैव सत्य पर अड़े रहें
अपने सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर: तेरा वचन सत्य है (यूहन्ना 17:17) शैतान द्वारा मसीहों को दुष्ट आत्मा के प्रभावों का शिकार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आसान तरीका है; मसीहों को झूठ पर विश्वास दिलाना। यूहन्ना 8:44 में प्रभु यीशु ने उसका वर्णन इस प्रकार किया है: “….क्योंकि उसमें सत्य […]
सत्य की सामर्थ: प्रभु यीशु मसीह
यीशु ने उससे कहा, मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता। (यूहन्ना 14:6) हमारा मुख्य वर्स स्वयं प्रभु यीशु मसीह की घोषणा है। उसने कहा कि वह “सत्य”, “मार्ग” और “जीवन” हैं। उसी में सारा समाधान और जवाब छिपा है। उसके बाहर कोई सत्य […]
सत्य की सामर्थ: परमेश्वर का वचन हमेशा कार्य करता है
वैसे ही मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा। (यशायाह 55:11) परमेश्वर का वचन सृष्टि के लिए बुनियादी सामग्री है। आरंभ से […]
सत्य की सामर्थ: परमेश्वर का वचन
क्योंकि जिसके पास है, उसे और दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; परन्तु जिसके पास नहीं है, उससे वह भी जो उसके पास है, ले लिया जाएगा। (मत्ती 13:12) परमेश्वर के वचन का प्रकाशित ज्ञान शक्तिशाली है—यह आपको सच्ची स्वतंत्रता में चलने के लिए सशक्त बनाता है। इस प्रकार के प्रकटीकरण का एक […]
सत्य की सामर्थ: प्रकटीकरण का ज्ञान
और तुम सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा। (यूहन्ना 8:32) जो सत्य आपके लिए महत्वपूर्ण है, वही राज्य में महत्वपूर्ण है। वह जो परमेश्वर कहता है और आप पर प्रकट करता है। प्रत्येक बहता तथ्य या ज्ञान सत्य नहीं है, क्योंकि यह परमेश्वर की संतान के रूप में आपके जीवन में कोई मूल्य […]