अपने देश के लिए प्रार्थना करें

मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं। राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं। यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी […]

स्वार्थी प्रार्थनाएं मत कीजिए

तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।(याकूब 4:3) प्रार्थना परमप्रधान के साथ वार्तालाप है। परमेश्वर की संतान होने के नाते प्रार्थना हमारे लिए एक मिनिस्ट्री है। इसलिए आप हर एक चीज़ और हर एक व्यक्ति को परे हटा कर, सिर्फ परमेश्वर को […]

परमेश्वर का वचन बोलता है

पर पहिले यह जान लो कि पवित्र शास्त्र की कोई भी भविष्यद्वाणी किसी के अपने ही विचारधारा के आधार पर पूर्ण नहीं होती। (2 पतरस 1:20) 2 तीमुथियुस 2:15 में, पौलुस ने, तीमुथियुस से बात करते समय उसे मन लगाकर पवित्र शास्त्र का अध्ययन करने के लिए कहा और आगे उसने उससे कहा कि ऐसा […]

अपने समय का सबसे अच्छा उपयोग करें

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं॥(भजन संहिता 90:12) समय एक अद्भुत धरोहर है| यह एक ऐसी धरोहर है जो जब एक बार खो जाती है, दोबारा पायी नही जा सकती| पैसे वापिस आ सकते हैं, सम्पति वापिस आ सकती है, परन्तु एक बार समय खो जाए तो वो […]

ख़ुद को इस व्यर्थ की दौड़ से बाहर रखें

मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं सम्मान और अद्भुत तरीके से बनाया गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। (भजन संहिता 139: 13-14) आज की दुनिया तेजी से बढ़ रही है। […]

हार न मानना! पीछे न हटना!

क्या मैं ने तुझे आदेश नहीं दिया? मजबूत और साहसी बन जा। भयभीत और निराश न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर तेरे संग रहेगा। (यहोशू 1: 9) विजेता वो हैं जो जीतना चुनते हैं। चाहे आपको एहसास हो या नहीं, अगर आपने जीत को नहीं चुना है,  आप ने वास्तव में हार को […]

पहलौटे की सर्विस: आपकी सामर्थ का कुआँ

अपनी सम्पत्ति के द्वारा, और अपनी भूमि की सारी पहली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना। (नीतिवचन 3:9) आज वर्ष 2025 के लिए पहलौटे की सर्विस का दिन है। यह दिन परमेश्वर के कैलेंडर में बहुत महत्व रखता है और यह वर्ष में केवल एक बार आता है। इस विशेष अवसर पर, परमेश्वर की […]

परमेश्वर को अपने जीवन में सबसे पहले रखें

दशमांश कि शिक्षा का यह उद्देश्य है कि तुम यह सीख पाओ कि सदैव परमेश्वर को अपने जीवन में प्रथम स्थान में रखो। (व्यवस्थाविवरण 14:23b TLB) परमेश्वर को जीवन में पहले रखना कोई दबाव नहीं वरण सौभाग्य और सम्मान कि बात है। मसीह में होना कोई और धर्म में होने जैसा नहीं है। मसीहत कोई […]

आप पर कोई अधिकार नही!

और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो (रोमियो 6:14) यीशु की प्रभुता को अपने जीवन पर घोषित करने के बाद नए जन्में होने से पाप ने आपके जीवन पर पूरा अधिकार खो दिया है| प्रभु का मतलब होता है मास्टर, चलाने वाला, सिखाने […]

हर एक भार को अलग हटा दीजिए

इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। (इब्रानियों 12:1) अगर आपको परमेश्वर की संतान होने के नाते आपके सामने दिए रेस को सफलतापूर्वक […]