देशो के लिए प्रार्थना करें

Christian man praying with Bible for the nations and world peace devotional poster

क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं। (2 कुरिन्थियों 10:4) विश्वासी होने के नाते, हम दुनिया के देशों में होने वाली घटनाओं के केवल दर्शक नहीं हैं। परमेश्वर ने हमें आत्मिक अधिकार और प्रार्थना के शक्तिशाली हथियार दिए हैं। जहाँ संसार केवल राजनीति, […]

आप एक राज्य के हैं

Jesus teaching disciples with heavenly kingdom background symbolizing believers belonging to God’s Kingdom

क्योंकि परमेश्वर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है। (1 कुरिन्थियों 4:20) क्या आपने कभी रुककर सोचा है कि आप वास्तव में किससे जुड़े हुए हैं? आप केवल किसी सभा का हिस्सा नहीं हैं—आप परमेश्वर के राज्य का हिस्सा हैं। और हर राज्य की एक व्यवस्था होती है: एक राजा, एक प्रजा, एक […]

अनुशासन के लाभ

Benefits of Discipline Christian devotional with motivational design and spiritual message about godly discipline through Jesus Christ.

…दुसरे हाथ पर, खुद को अनुशासित करो इश्वरियता के उद्देश्य से (1 तीमुथियुस 4:7 एन ऐ एस बी ) अनुशासन आपको बड़ी उपलब्धियाँ बहुत कम प्रयासों में हासिल करने में मदद करता है। अनुशासन का मतलब है खुद को बांधना और विवश करना निर्धारित सिद्धांतों और तरीकों पर चलने के लिए और हर एक इच्छा […]

आप यीशु मसीह की पहचान से पहचाने जाते है

Cross with light representing identity in Jesus Christ and redemption from darkness

उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया (कुलुस्सियों 1:13)। आपकी पहचान अब आपके अतीत, आपके बैकग्राउंड, या आपकी परिस्थितियों से परिभाषित नही होती—आप यीशु मसीह से पहचाने जाते है। आप परमेश्वर के अपने है। प्रभु यीशु के द्वारा, आप को छुड़ाया गया, खरीदा गया, और एक […]

आत्मिक रूप से सक्रिय रहें

woman reading Bible near window showing spiritual alertness and active faith life

सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। (1 पतरस 5:8) आलस हमेशा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। कई बार यह आत्मिक निष्क्रियता के रूप में प्रकट होता है—प्रार्थना में, वचन बोलने में, या परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने […]

शत्रु के विरुद्ध परमेश्वर आपके साथ है

man being lifted by God’s hand symbolizing victory over the enemy and freedom from guilt through Christ

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा (रोमियों 5:8)। शैतान की एक सामान्य रणनीति यह है कि वह आपके विश्वास पर हमला करता है और आपको आपके पिछले गलतियों की याद दिलाता है। वह आपको यह विश्वास […]

पहचानें और डाँटे

Christian illustration of a believer praying and guarding the mind against deception while rebuking the devil through God’s truth

कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं (2 कुरिन्थियों 2:11)। शैतान जिस तरीकों से विनाश लाने की कोशिश करता है, उनमें से एक तरीका यह है कि वह ऐसे विचार और सोच लाता है जो आपको ऐसा लगता है मानो वे आपके अपने ही हों। बहुत […]

इसे झुका दें

Christian devotional message about making circumstances bow through the Spirit based on Romans 8:13

क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे। (रोमियों 8:13) बहुत से लोग जीवन के प्रति प्रतिक्रिया दे रहे हैं इसे नेतृत्व नहीं कर रहे। वे परिस्थितियों के प्रति ऐसे प्रतिक्रिया करते हैं मानो परिस्थितियाँ ही नियंत्रण में हों। लेकिन यह आपकी […]

अपने जीवन का पैटर्न बदलें

Christian motivational graphic encouraging believers to break negative life patterns through submission to God and spiritual authority, based on James 4:7.

इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। (याकूब 4:7) यदि आपके जीवन में कोई बात बार-बार दोहराई जा रही है, तो वह संयोग नहीं है। वह एक पैटर्न है। और पैटर्न केवल चाहने से नहीं बदलते — वे निर्णय लेने से बदलते हैं। एक […]

सूखी हड्डियों से भविष्यवाणी करें

Prophesy to the dry bones Bible teaching from Ezekiel 37

तब उसने मुझ से कहा, इन हड्डियों से भविष्यद्वाणी कर के कह….इस आज्ञा के अनुसार मैं भविष्यद्वाणी करने लगा; और मैं भविष्यद्वाणी कर ही रहा था, कि एक आहट आई,और भुईडोल हुआ। (यहेजकेल 37:4,7) भविष्यनिश्चयवानी करने का अर्थ है—परमेश्वर के वचन को वैसे ही घटित होने के लिए घोषित करना, जैसे उसने आज्ञा दी है। […]