चिंता करने से इनकार करें

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएं।तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी (फिलिप्पियों 4:6-7)। चिंता, विश्वास और आनंद की […]
शब्दों के द्वारा अपना भविष्य बनाना

विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्तुओं से बना हो (इब्रानियों 11:3)। आपका आज का जीवन काफी हद तक उन शब्दों का परिणाम है जो आपने कल बोले थे – […]
अपने शब्दों से आगे बढ़ना

जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा (नीतिवचन 18:21)। आपके शब्द साधारण नहीं हैं—वे आत्मिक शक्तियाँ हैं जो आपके तक़दीर को आकार देती हैं। आपके जीवन की दिशा आपके शब्दों की दिशा का अनुसरण करती है। हर बार जब आप […]
परमेश्वर के साथ बड़ा सोचना

अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है (इफिसियों 3:20)। आपके जीवन की सबसे महान खोजों में से एक यह होगी कि परमेश्वर आपकी कल्पना से भी बड़ा है। वह आपके बैकग्राउंड, संसाधनों या वातावरण तक […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]
सीक्रेट ऑफ़ सक्सेस

क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। (फिलिप्पियों 2:13) सबसे पहले, मैं आपको बधाई देना चाहता हूँ। आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि परमेश्वर आपमें कार्य कर रहा है। जीवन-निर्माण प्रसारण […]
प्रकटीकरण के अनुसार जीवन जिएं, धारणा के अनुसार नहीं

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब […]
आत्मा के द्वारा शरीर पर प्रभुत्व

परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; ऐसा न हो कि औरों को प्रचार करके, मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूं(1 कुरिन्थियों 9:27)। प्रेरित पौलुस ने इस वचन में एक शक्तिशाली सत्य प्रकट किया है—उसने अपने शरीर को उसके जीवन के मार्ग पर राज करने की अनुमति नहीं […]
आपको सिर्फ उसके वजूद के ज्ञान को पाना है

कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। ( […]
सब कुछ परमेश्वर को समर्पित करें

इसलिये हम उसके द्वारा स्तुति रूपी बलिदान, अर्थात उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (इब्रानियों 13:15) मसीह में, हम उसमें रहते हैं और वह हम में रहता है। अब हम पृथ्वी में जो जीवन जी रहे हैं, वह हम उसी में जी रहे हैं। […]