परमेश्वर के साथ बड़ा सोचना

अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है (इफिसियों 3:20)। आपके जीवन की सबसे महान खोजों में से एक यह होगी कि परमेश्वर आपकी कल्पना से भी बड़ा है। वह आपके बैकग्राउंड, संसाधनों या वातावरण तक […]
अपनी योजनाओं को हटाएँ

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके अपने सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। (नीतिवचन 3:5-6) आपके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना सदैव आपकी अपनी योजनाओं और स्कीम से कई ज़्यादा महान और आगे होती है। एक बात […]
सीक्रेट ऑफ़ सक्सेस

क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। (फिलिप्पियों 2:13) सबसे पहले, मैं आपको बधाई देना चाहता हूँ। आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि परमेश्वर आपमें कार्य कर रहा है। जीवन-निर्माण प्रसारण […]
प्रकटीकरण के अनुसार जीवन जिएं, धारणा के अनुसार नहीं

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब […]
आत्मा के द्वारा शरीर पर प्रभुत्व

परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; ऐसा न हो कि औरों को प्रचार करके, मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूं(1 कुरिन्थियों 9:27)। प्रेरित पौलुस ने इस वचन में एक शक्तिशाली सत्य प्रकट किया है—उसने अपने शरीर को उसके जीवन के मार्ग पर राज करने की अनुमति नहीं […]
आपको सिर्फ उसके वजूद के ज्ञान को पाना है

कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। ( […]
सब कुछ परमेश्वर को समर्पित करें

इसलिये हम उसके द्वारा स्तुति रूपी बलिदान, अर्थात उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (इब्रानियों 13:15) मसीह में, हम उसमें रहते हैं और वह हम में रहता है। अब हम पृथ्वी में जो जीवन जी रहे हैं, वह हम उसी में जी रहे हैं। […]
अपने दैनिक जीवन में उसके वचन के अनुसार जिएँ

मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। (मत्ती 4:4) परमेश्वर का वचन केवल आपको प्रेरित या उत्साहित करने के लिए ही नहीं है—यह जीने के लिए है। इस समय में, जब आप बुनियादी लेकिन सामर्थी सत्य सीख रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण […]
उत्कृष्टता का एक एजेंट

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। (मत्ती 5:16) जीवन के ऐसे कई पहलू हैं जिन्हें आपने नहीं चुना है – आपका जन्म समय, आपका मूल स्थान, या यहां तक कि वे लोग जो शुरू में आपके आसपास […]
पवित्र आत्मा के प्रति संवेदनशील होना बहुत महत्वपूर्ण है

इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।(रोमियों 8:14) पवित्र आत्मा की सामर्थ में चलने के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर में से एक है उसके मार्गदर्शन के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना। पवित्र आत्मा के प्रति संवेदनशीलता ही आपको परमेश्वर की सामर्थ के प्रवाह के साथ संरेखित […]